रायपुर। सुशासन तिहार के तहत कबीरधाम जिले के बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल (ग्राम पंचायत लोखान) में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दौरा एक बेहद आत्मीय और भावनात्मक क्षण का साक्षी बना। आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई, तो वहां का माहौल अपनत्व और विश्वास से भर गया।
चौपाल के दौरान गांव की निवासी ऋषि बघेल अपने एक माह के नवजात शिशु को गोद में लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचीं और उनसे बच्चे का नाम रखने का आग्रह किया। इस सरल लेकिन भावनात्मक निवेदन को मुख्यमंत्री ने तुरंत स्वीकार किया और बच्चे के जन्म के दिन के बारे में जानकारी ली।
जैसे ही ऋषि बघेल ने बताया कि शिशु का जन्म रविवार को हुआ है, मुख्यमंत्री साय ने मुस्कुराते हुए उसका नाम “रविशंकर” रख दिया। नामकरण का यह क्षण पूरे गांव के लिए खुशी का अवसर बन गया। चौपाल में मौजूद ग्रामीणों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस पल का स्वागत किया और वातावरण उत्सव जैसा हो गया।
यह दृश्य शासन और आमजन के बीच गहरे विश्वास और आत्मीय संबंध का प्रतीक बनकर सामने आया। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार सुशासन तिहार की मूल भावना को दर्शाता है, जिसमें सरकार केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लोगों के जीवन के हर सुख-दुख में सहभागी बनती है।
मुख्यमंत्री साय की इस सहज पहल ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुशासन का असली अर्थ जनता से जुड़ना, उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें सम्मान देना है।





