रायपुर। Vishnu Deo Sai ने 31 मार्च को छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का ऐतिहासिक दिन बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब नक्सलवाद जैसे गहरे संकट से बाहर निकलकर विकास, विश्वास और सुशासन के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
केंद्र सरकार को दिया श्रेय
मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि का श्रेय Narendra Modi और Amit Shah के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयास और सुरक्षा बलों के साहस से यह सफलता संभव हो सकी है।
भूपेश बघेल पर तीखा हमला
पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के बयान पर पलटवार करते हुए साय ने कहा कि उनका बयान तथ्यहीन है और अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में न तो स्पष्ट रणनीति थी और न ही नक्सलवाद के खिलाफ लड़ने की दृढ़ इच्छाशक्ति।
75% नक्सल प्रभाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2023 में सरकार बदलने के बाद हुई समीक्षा में यह सामने आया कि देश में नक्सलवाद का 75% प्रभाव छत्तीसगढ़ में ही था, जो पूर्व सरकार की नीतिगत कमजोरी को दर्शाता है।
बस्तर अब विकास की ओर
साय ने कहा कि नक्सलवाद ने दशकों तक खासकर बस्तर क्षेत्र के विकास को प्रभावित किया, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और क्षेत्र मुख्यधारा में लौट रहा है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर उनका रुख संदिग्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ घटनाओं में नक्सल विचारधारा से जुड़े लोगों के साथ मंच साझा करना और बयान देना देशहित के खिलाफ है।
अमित शाह के लक्ष्य का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि Amit Shah ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा था, जो अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिख रहा है।
नया दौर: शांति, सुरक्षा और निवेश
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि नक्सलवाद से मुक्त होता छत्तीसगढ़ अब तेजी से विकास करेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश में निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी।
सीएम साय के मुताबिक, छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद की छाया से निकलकर एक सुरक्षित और विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां शांति और विकास की नई कहानी लिखी जाएगी।





