रायपुर: Vishnu Deo Sai ने बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि अब Bastar में बंदूक नहीं बल्कि विश्वास की जीत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Jagdalpur में 3.29 करोड़ रुपये के इनामी 108 सशस्त्र माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय इस बात का संकेत है कि बस्तर में शांति, सुशासन और विकास की दिशा में सकारात्मक बदलाव हो रहा है।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं। यह दर्शाता है कि बस्तर के लोगों में अब विकास और शांति के रास्ते पर आगे बढ़ने का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास और बस्तर क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इससे क्षेत्र में शांति का वातावरण मजबूत हो रहा है और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।
नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बढ़ रही सरकार
मुख्यमंत्री साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षा बलों के साहस, प्रशासन के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग अब भय और हिंसा से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व और Amit Shah के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय करते हुए नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रही है।
विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को भयमुक्त, शांतिपूर्ण और विकसित बनाना है। इसके लिए सुरक्षा, विकास और विश्वास—इन तीनों मोर्चों पर लगातार कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने दोहराया कि भयमुक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का अटल संकल्प है।





