May 17, 2026

CG News : सड़क निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, घटिया काम करने वाले ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट – CM विष्णुदेव साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ताहीन कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी निर्माण कार्य में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने ये निर्देश आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों और गतिविधियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव भी उपस्थित थे।

निर्माण के दौरान ही हो गुणवत्ता की निगरानी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल तकनीकी कार्य नहीं बल्कि आमजन की सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक काम है और इससे सरकार की छवि भी बनती है।

उन्होंने कहा कि यदि सड़क बनने के कुछ वर्षों के भीतर ही खराब हो जाए तो इससे सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर जताई नाराजगी

बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह सड़क कुछ वर्ष पहले ही बनी थी, लेकिन उसकी स्थिति तेजी से खराब हो गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में हुई कमियों की गंभीरता से जांच की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की सख्त निगरानी की जाए।

टेंडर प्रक्रिया के लिए तय हो समय-सीमा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि कई ठेकेदार बहुत कम दर यानी बिलो रेट पर टेंडर प्राप्त कर लेते हैं, जिसके कारण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं हो पाता।

ऐसी स्थिति में ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और यदि ठेकेदार बिलो रेट पर टेंडर लेता है तो यह उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह कार्य निर्धारित गुणवत्ता और समय-सीमा में पूरा करे।

300 गांवों को सड़कों से जोड़ने के निर्देश

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश में लगभग 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां बरसात के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। कई बार मरीजों को खाट में उठाकर ले जाना पड़ता है, जो चिंता का विषय है।

उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे गांवों को सड़कों और पुल-पुलियों के माध्यम से प्राथमिकता के साथ जोड़ा जाए।

353 किमी सड़क परियोजना की समीक्षा

बैठक में मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 की प्रगति की समीक्षा भी की गई। लगभग 353 किलोमीटर लंबाई वाली इस परियोजना की स्थिति पर चर्चा हुई।

इसके अलावा अंबिकापुर–सेमरसोत–रामानुजगंज–गढ़वा मार्ग, गीदम–दंतेवाड़ा मार्ग, चांपा–सक्ती–रायगढ़–ओडिशा सीमा मार्ग, रायपुर–दुर्ग मार्ग तथा चिल्फी क्षेत्र की सड़कों सहित कई अन्य परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई।

शासकीय भवनों के डिजाइन में लाया जाएगा बदलाव

मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में शासकीय भवनों के डिजाइन पुराने और एक जैसे दिखाई देते हैं। अब इन्हें आधुनिक डिजाइन और तकनीक के आधार पर बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भवनों का निर्माण उनकी उपयोगिता के अनुरूप होना चाहिए और भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल की जगह वर्टिकल संरचना को बढ़ावा दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आमजन के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं और लोग सड़क की गुणवत्ता को बहुत महत्व देते हैं। इसलिए लोक निर्माण विभाग के कार्यों को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा करना अनिवार्य है।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।