September 4, 2026

CM योगी से मिले 8 राज्यों के कलाकार, छत्तीसगढ़ के कलाकार ने कहा- ‘बुलडोजर बाबा’… मुस्कुराकर बोले- गलत लोगों पर बुलडोजर तो चलवा ही सकता हूं

लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के मंच पर देश की विविध लोक संस्कृतियों की झलक पेश करने वाले कलाकारों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर मुलाकात की। आठ राज्यों से आए कलाकारों के साथ मुख्यमंत्री का संवाद कई भावुक और दिलचस्प पलों का गवाह बना। इस दौरान कलाकारों ने अपने अनुभव साझा किए और अयोध्या सहित उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्थलों को देखने की इच्छा जताई।

मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ के कलाकार कुलभूषण चंद्राकर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को छत्तीसगढ़ में प्रचलित ‘बुलडोजर बाबा’ नाम से संबोधित किया। इस पर मुख्यमंत्री मुस्कुराए और माहौल हल्का-फुल्का हो गया।

‘बुलडोजर बाबा’ कहने पर मुस्कुराए CM योगी

कुलभूषण चंद्राकर ने बातचीत के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘बुलडोजर बाबा’ के नाम से जाना जाता है। इस पर योगी आदित्यनाथ ने मुस्कुराते हुए कहा कि “बुलडोजर पसंद है ना आपको? आप गा सकते हैं, मैं गा नहीं सकता, लेकिन गलत लोगों पर बुलडोजर तो चलवा ही सकता हूं।”

मुख्यमंत्री के इस जवाब पर वहां मौजूद कलाकारों के चेहरे खिल उठे। बातचीत के दौरान कलाकारों ने अपने राज्यों की लोक संस्कृति और उत्तर प्रदेश में मिले अनुभवों के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया।

15 साल बाद अयोध्या जाने की इच्छा

छत्तीसगढ़ के कलाकार कुलभूषण ने बताया कि करीब 15 साल पहले उन्हें अयोध्या जाने का अवसर मिला था और अब वे नई अयोध्या को देखना चाहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उस समय की अयोध्या और आज की अयोध्या में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने कलाकारों को अयोध्या जाकर वहां हुए बदलावों को देखने के लिए प्रोत्साहित किया।

वहीं जम्मू-कश्मीर से पहली बार उत्तर प्रदेश आईं कलाकार श्रुति ने भी श्रीराम मंदिर के दर्शन की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने उनकी इच्छा को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को उनके अयोध्या भ्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

‘एक दिन अतिरिक्त रुकिए और भारत को जानिए’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कलाकारों से कहा कि जब भी वे किसी दूसरे राज्य में जाएं तो कम से कम एक दिन अतिरिक्त रुककर वहां की संस्कृति, खान-पान और ऐतिहासिक स्थलों को जरूर देखें। उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक खूबसूरती उसकी विविधता में है और कलाकार इस विविधता को एक-दूसरे तक पहुंचाने का सबसे मजबूत माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि कलाकार केवल गायन, वादन, नृत्य और नाटक करने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि वे परंपरा और लोक संस्कृति के वाहक हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियों में अतीत की स्मृतियां होती हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को भविष्य के लिए प्रेरणा देती हैं।

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए एकता जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी और अरुणाचल प्रदेश से द्वारिका-पुरी तक भारत के अलग-अलग हिस्सों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ना ही ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए एकता के साथ सुरक्षा भी जरूरी है।

अरुणाचल प्रदेश की कलाकार नीलम से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने लखनऊ में उनके अनुभव पूछे और उन्हें अयोध्या के साथ भगवान बुद्ध से जुड़े उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्थलों को देखने की सलाह दी। वहीं बिहार के कलाकार सुबोध को अयोध्या जाने की सलाह देते हुए उन्होंने मां जानकी से जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया।