रायपुर। सीएमडीसी–एनएमडीसी के संयुक्त उपक्रम एनसीएल (NCL) द्वारा बैलाडिला डिपॉजिट-4 और डिपॉजिट-13 में वर्ष 2026 से खनन उत्पादन शुरू किया जाएगा। अधिकतम उत्पादन की स्थिति में इससे राज्य शासन को करीब 7,000 करोड़ रुपये और सीएमडीसी को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही क्षेत्र में रोजगार और विकास के नए अवसर सृजित होंगे।
📌 मीडिया से रू-ब-रू हुए सीएमडीसी अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (CMDC) के अध्यक्ष सौरभ सिंह निगम ने सचिव भौमिकी एवं खनिकर्म पी. दयानंद के साथ प्रेस वार्ता में वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 28 से अधिक प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। पारदर्शी नीलामी और बेहतर खनिज प्रबंधन से बीते दो वर्षों में राज्य के खनिज राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
⛏️ सीएमडीसी की प्रमुख उपलब्धियां
🔹 खनिज अन्वेषण और खनन
- सीएमडीसी द्वारा 9 खनिजों (टिन, बॉक्साइट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैंगनीज, कोरंडम, डोलोमाइट, कोयला) में खनन/अन्वेषण
- एमएसटीसी के माध्यम से पारदर्शी ई-नीलामी, रिकॉर्ड लौह अयस्क बिक्री मूल्य
🔹 टिन खनन से आदिवासियों को बड़ा लाभ
- टिन क्रय मूल्य बढ़कर ₹1926 प्रति किलो
- बस्तर के आदिवासियों को लगभग 3 गुना अधिक आय
- TIN Portal से ऑनलाइन क्रय और रियल टाइम भुगतान की व्यवस्था
🔹 क्रिटिकल मिनरल पर फोकस
- बलरामपुर में मैंगनीज व ग्रेफाइट का अन्वेषण (MOIL के सहयोग से)
- कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के साथ क्रिटिकल मिनरल हेतु MoU
- खनन के साथ-साथ प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट पर जोर
💰 राजस्व और रोजगार
- आरीडोंगरी लौह अयस्क खदान से
- राज्य को ₹28.65 करोड़
- सीएमडीसी को ₹24 करोड़ शुद्ध लाभ
- 200+ लोगों को प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रोजगार
- उत्पादन क्षमता 5 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष करने की तैयारी
💎 हीरा, कोयला और कॉपर में नई संभावनाएं
- महासमुंद (बलौदा–बेलमुंडी) में हीरा धारित किम्बरलाईट के संकेत
- केरवा कोल परियोजना को मिली सफलता
- राज्य को ~₹150 करोड़ राजस्व
- हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के साथ संयुक्त उपक्रम
- मोहला–मानपुर जिले में कॉपर अन्वेषण जारी
🔮 भविष्य की कार्ययोजना
- टिन स्लैग से टैंटलम, नियोबियम जैसे क्रिटिकल मिनरल का निष्कर्षण
- डोलोमाइट उत्पादन क्षमता 2 मिलियन टन
- बंद खदानों का पुनरुद्धार, ड्रोन सर्वे, वेब्रिज, चेकगेट सेवाएं
- ग्रेनाइट कटिंग-पॉलिशिंग, सैंड माइनिंग में विस्तार
🧾 निष्कर्ष
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सीएमडीसी आत्मनिर्भर भारत मिशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में खनिज क्षेत्र से राजस्व, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।





