बलरामपुर। जिले में एक प्रेरणादायक और भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रही एक छात्रा अपनी शैक्षणिक जरूरतों को लेकर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंची। छात्रा की उम्मीदों और संघर्ष को समझते हुए कलेक्टर ने न केवल उसकी बात सुनी, बल्कि हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले की निवासी महिमा प्रजापति लंबे समय से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना संजोए महिमा कुछ जरूरी पुस्तकों की कमी के कारण पढ़ाई में आ रही दिक्कतों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। वह घंटों परिसर में बैठकर कलेक्टर से मुलाकात का इंतजार करती रहीं।
इसी दौरान कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी एक आवश्यक बैठक के लिए निकल रही थीं। उनकी नजर कलेक्ट्रेट परिसर में इंतजार कर रही छात्रा पर पड़ी। उन्होंने स्वयं आगे बढ़कर महिमा से बातचीत की और उसके वहां आने का कारण पूछा। कलेक्टर के इस सहज और आत्मीय व्यवहार से छात्रा भावुक हो गई।
बातचीत के दौरान महिमा ने बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री और पुस्तकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रा की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने उसका उत्साह बढ़ाते हुए आवश्यक किताबें उपलब्ध कराने और हरसंभव मार्गदर्शन देने का आश्वासन दिया।
महिमा ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि जिले की शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी इतनी सहजता और संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनेंगी। कलेक्टर से हुई मुलाकात ने उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास दिया है, जिससे वह अपने लक्ष्य की ओर और अधिक दृढ़ता से आगे बढ़ सकेंगी।
इस मुलाकात की चर्चा जिलेभर में हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों का इस तरह संवेदनशील और प्रेरणादायी व्यवहार युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है।
यह घटना केवल एक छात्रा और कलेक्टर की मुलाकात भर नहीं रही, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्षरत हैं।





