बलरामपुर। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से कलेक्टर के लेटरहेड पर दो अलग-अलग आदेश जारी होने के मामले ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब कलेक्टर कार्यालय के नाम से जारी दो आदेशों को लेकर सवाल उठे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने इसे “लिपिकीय त्रुटि” बताते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की, लेकिन इस स्पष्टीकरण के बाद भी कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, किसी भी शासकीय आदेश को जारी करने से पहले वह कई स्तरों की प्रक्रिया से गुजरता है, ऐसे में कलेक्टर के लेटरहेड पर आदेश जारी होना और लंबे समय तक किसी अधिकारी की नजर में न आना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह भी चर्चा में है कि इस कथित त्रुटि का पता विभाग को तब चला जब मामला मीडिया में सामने आया।
इधर, आदेशों से प्रभावित कर्मचारियों की स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। आदेशों को निरस्त या संशोधित करने को लेकर विभाग की ओर से कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कलेक्टर ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय अत्यंत महत्वपूर्ण है और वहां से जारी प्रत्येक आदेश पर गंभीरता से निगरानी आवश्यक है। इसी आधार पर DEO को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
यह मामला अब शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर बड़ा सवाल बन गया है, जिस पर आगे प्रशासनिक कार्रवाई तय मानी जा रही है।





