July 23, 2026

सामुदायिक भवन पर कब्जे की कोशिश नाकाम, तोड़फोड़ करने वाले पर FIR; हाउसिंग बोर्ड ने मांगी 25 लाख की क्षतिपूर्ति

बिलासपुर। शहर के नेहरू नगर स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के सामुदायिक भवन पर कथित कब्जे की कोशिश और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। मंडल के अधिकारियों की तत्परता से न केवल भवन को बड़े नुकसान से बचा लिया गया, बल्कि तोड़फोड़ करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। साथ ही गृह निर्माण मंडल ने भवन को हुए नुकसान के एवज में 25 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, नेहरू नगर में गृह निर्माण मंडल द्वारा लगभग 80 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं था। इसी दौरान मंडल के अधिकारियों को सूचना मिली कि भवन में तोड़फोड़ की जा रही है। मौके पर पहुंचने पर संबंधित पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई को वैध बताया।

1971 में खरीदी गई थी जमीन

गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों के अनुसार, जिस भूमि पर सामुदायिक भवन बना है, उसे तत्कालीन मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड (वर्तमान छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल) ने 5 जून 1971 को विधिवत पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से खरीदा था। यह स्वामित्व आज भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।

मंडल का दावा है कि संबंधित पक्ष द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में कई विसंगतियां हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस खसरा नंबर का उल्लेख आदेश में किया गया है, वह सामुदायिक भवन की भूमि से मेल नहीं खाता।

मंडल का पक्ष सुने बिना हुई कार्रवाई

अधिकारियों का आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी आदेश में गृह निर्माण मंडल का पक्ष नहीं सुना गया। मंडल का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों के बावजूद संबंधित राजस्व अधिकारियों ने तथ्यों की पर्याप्त जांच नहीं की और एकतरफा कार्रवाई की गई।

मंडल ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ दस्तावेजों में तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर भूमि स्वामित्व को लेकर भ्रम पैदा किया गया। मामले में कूटरचना और दस्तावेजों में हेरफेर की आशंका भी जताई गई है।

FIR दर्ज, आदेश पर लगी रोक

मामले की जानकारी मिलते ही गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और सिटी मजिस्ट्रेट से शिकायत की। इसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई रुकवाई गई और संबंधित व्यक्ति मोहम्मद अली के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

वहीं सिटी मजिस्ट्रेट ने पूर्व में जारी आदेश पर स्थगन भी दे दिया है। गृह निर्माण मंडल ने भवन को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 25 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल मामले की जांच जारी है। प्रशासन दस्तावेजों की वैधता, भूमि स्वामित्व और कथित तोड़फोड़ से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।