January 16, 2026

रायपुर दौरे पर सचिन पायलट: मनरेगा से लेकर कानून-व्यवस्था तक केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला

कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिव सचिन पायलट एक दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में पायलट ने मनरेगा को “व्यवस्थित तरीके से कमजोर करने” का आरोप लगाया।

मनरेगा पर सीधा हमला

सचिन पायलट ने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए सुरक्षा कवच थी, लेकिन अब यह योजना कागजों तक सीमित होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 100 दिन के रोजगार की गारंटी और केंद्र सरकार की पूरी फंडिंग व्यवस्था को कमजोर कर दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायतों से अधिकार छीनकर योजना को पूरी तरह सेंट्रलाइज कर दिया गया है।

भाजपा से पूछे सवाल

पायलट ने सवाल किया कि अगर सरकार को मनरेगा से दिक्कत थी, तो मजदूरी और दरें बढ़ाई जातीं, न कि योजना को खत्म करने की दिशा में ले जाया जाता। उन्होंने इसे गरीबों के साथ अन्याय बताया।

कानून-व्यवस्था और धमकियों पर बयान

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी के मामलों पर पायलट ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब संवैधानिक संस्थाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो यह कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।

जंबूरी 2026 और भ्रष्टाचार का आरोप

जंबूरी 2026 से जुड़े विवाद पर पायलट ने बिना टेंडर काम कराने के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और सरकार पर आंख मूंदकर बैठने का आरोप लगाया।

संगठनात्मक गतिविधियां

दौरे के दौरान पायलट मनरेगा आंदोलन की समीक्षा और संगठनात्मक बैठकों में शामिल होंगे। नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग और आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा उनके एजेंडे में शामिल है।