रायपुर। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अध्यक्ष प्रोफेसर प्रदीप कुमार जोशी के कार्यकाल और देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर प्रदेश कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों छात्रों के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है और NTA अध्यक्ष प्रदीप जोशी को जांच के दायरे में लाकर उनके खिलाफ उच्च स्तरीय कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि NTA द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 और इससे पहले UGC-NET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के पेपर लीक होने से देश की परीक्षा प्रणाली की साख को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हर बड़े पेपर लीक और अनियमितता की कड़ियां प्रदीप जोशी के कार्यकाल से जुड़ रही हैं, तो केंद्र सरकार उन्हें बचाने में क्यों लगी हुई है।
भ्रष्टाचार और विवादों का आरोप
कांग्रेस नेता ने प्रदीप जोशी के पूर्व कार्यकालों का जिक्र करते हुए कहा कि विवाद और गड़बड़ियां उनके प्रशासनिक करियर का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में अध्यक्ष रहते हुए वर्ष 2003 और 2005 की परीक्षाओं में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे थे। मूल्यांकन में मनमानी, इंटरव्यू में पक्षपात और भाई-भतीजावाद के मामलों को लेकर छात्र आज भी अदालतों में न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) में उनके कार्यकाल के दौरान परीक्षाओं में देरी और अपारदर्शिता बनी रही। वहीं RTI के जरिए यह भी सामने आया कि उनकी नियुक्ति के पीछे एक विशेष वैचारिक संगठन की पैरवी थी।
NTA पर भी सवाल
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2023 से NTA की जिम्मेदारी संभालने के बाद NEET-UG 2024, UGC-NET और हाल ही में मई 2026 में आयोजित NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक जैसे बड़े विवाद सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया कि NTA के डायरेक्टर जनरल के खिलाफ कार्रवाई की गई, लेकिन अध्यक्ष प्रदीप जोशी को जिम्मेदारी से बचाया जा रहा है।
भाजपा पर संरक्षण का आरोप
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि योग्यता को दरकिनार कर केवल वैचारिक प्रतिबद्धता के आधार पर विवादित चेहरों को बड़े पदों पर बैठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
कन्हैया अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने प्रदीप जोशी पर तत्काल कार्रवाई नहीं की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस युवाओं और आम जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।





