July 23, 2026

मिशन 2028 की तैयारी में कांग्रेस, आदिवासी मुद्दों पर जनआंदोलन की रणनीति; 12 सूत्रीय प्रस्ताव पारित

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2028 को लेकर कांग्रेस ने अभी से राजनीतिक रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों के संरक्षण के मुद्दों के साथ आदिवासी वोटबैंक को साधने के लिए पार्टी ने धर्मांतरण, डी-लिस्टिंग और जनगणना में आदिवासी पहचान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है।

राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij की अध्यक्षता में करीब चार घंटे तक चली आदिवासी कांग्रेस की मैराथन बैठक में 12 सूत्रीय सामाजिक और राजनीतिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। बैठक में नेता प्रतिपक्ष Charan Das Mahant, पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo और पूर्व मंत्री Tamradhwaj Sahu समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि आदिवासी हितों के मुद्दों को लेकर एक प्रदेश स्तरीय आदिवासी कमेटी बनाई जाएगी, जो गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद करेगी और जनआंदोलन की रणनीति तैयार करेगी।

12 सूत्रीय प्रस्ताव में प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने हसदेव सहित नई कोयला और लौह अयस्क खदानों के लिए वन भूमि डायवर्जन की अनुमति वापस लेने, 32 प्रतिशत आरक्षण लागू करने, वनाधिकार पट्टों के वितरण, पेसा कानून के पूर्ण पालन, ग्राम सभाओं की शक्तियों की रक्षा, जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई और विस्थापित आदिवासियों के पुनर्वास जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया है।

इसके अलावा समान नागरिक संहिता (UCC) से आदिवासी समुदायों को बाहर रखने, जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग कॉलम बनाने, पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा “वनवासी” शब्द के उपयोग का विरोध करने संबंधी प्रस्ताव भी पारित किए गए।

सरकार और भाजपा पर साधा निशाना
बैठक के बाद दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर अधिकार कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासी हितों की रक्षा के लिए सरकार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।

कांग्रेस ने प्रस्ताव में भाजपा और Rashtriya Swayamsevak Sangh पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आदिवासियों की मूल पहचान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने धर्मांतरण और डी-लिस्टिंग जैसे मुद्दों को भी अपने अभियान का हिस्सा बनाने का संकेत दिया है।

अरविंद नेताम और नंदकुमार साय को साथ लाने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आदिवासी राजनीति को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ आदिवासी नेताओं Arvind Netam और Nand Kumar Sai का समर्थन हासिल करने की भी कोशिश कर रही है। दोनों नेताओं की आदिवासी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ मानी जाती है। बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस दिशा में लगातार संपर्क बनाए हुए है।

बैठक में उपनेता प्रतिपक्ष Lakheshwar Baghel, पूर्व मंत्री Premsai Singh Tekam, विधायक Anila Bhediya, Vidyawati Sidar, Ambika Markam समेत 40 से अधिक आदिवासी नेता शामिल हुए।