July 23, 2026

सरकारी स्कूलों में फीस वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, शुल्क वापस लेने की मांग

रायपुर: सरकारी स्कूलों में स्थानीय शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने राजधानी रायपुर स्थित शिक्षा विभाग कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जॉइंट डायरेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बढ़ाई गई फीस को तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष Shrikumar Menon ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है और सरकार अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों एवं उनके पालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।

उन्होंने कहा कि हाई स्कूल स्तर पर स्थानीय शुल्क में 90 रुपये की वृद्धि की गई है, जबकि हायर सेकेंडरी स्कूलों में शुल्क 105 रुपये तक बढ़ा दिया गया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शुल्क वृद्धि का आदेश वापस नहीं लिया गया तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया था आदेश

दरअसल, कुछ दिनों पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए सरकारी स्कूलों में स्थानीय शुल्क बढ़ाने संबंधी आदेश जारी किया था। यह फैसला सरकारी स्कूलों के साथ-साथ स्वामी आत्मानंद स्कूलों और अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, हाई स्कूल के विद्यार्थियों को अब 410 रुपये के बजाय 500 रुपये स्थानीय शुल्क जमा करना होगा। वहीं उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में यह शुल्क 445 रुपये से बढ़ाकर 550 रुपये कर दिया गया है। यानी हाई स्कूल विद्यार्थियों को 90 रुपये और हायर सेकेंडरी विद्यार्थियों को 105 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।

लाखों अभिभावकों पर पड़ेगा असर

प्रदेश में लगभग 56 हजार स्कूल संचालित हैं, जिनमें करीब 56 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 44 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में शुल्क वृद्धि से बड़ी संख्या में अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ने की संभावना जताई जा रही है।