रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने बिजली की बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट मीटर योजना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। साथ ही कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा भी की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने लगातार पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि कर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। उन्होंने दावा किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं के लिए लगभग 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। उनके अनुसार भाजपा सरकार के कार्यकाल में ढाई वर्षों के भीतर बिजली दरों में 31.23 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने स्मार्ट मीटर योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता दे रही है, वहीं दूसरी ओर बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में वृद्धि हुई है। कांग्रेस ने बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने और स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार की मांग की है।
बिजली दर वृद्धि के विरोध में कांग्रेस ने तीन चरणों में आंदोलन चलाने की घोषणा की है। इसके तहत 17 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली कार्यालयों का घेराव और पुतला दहन किया जाएगा। 18 जून को जिला मुख्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सरकार की नीतियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। वहीं जुलाई के पहले सप्ताह में कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर जनसंपर्क अभियान चलाएंगे और आवेदन एकत्र करेंगे।
कांग्रेस का कहना है कि बिजली दरों में लगातार हो रही वृद्धि और स्मार्ट मीटर व्यवस्था से आम उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं, जबकि सरकार का पक्ष है कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।





