May 13, 2026

ताड़मेटला मामले में आरोपियों के बरी होने पर कांग्रेस का हमला, बोली- असली दोषी अब भी बाहर

रायपुर। 76 जवानों की शहादत वाले ताड़मेटला नक्सली हमले मामले में राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए हाईकोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ताड़मेटला मामले में पुलिस ने जिन लोगों को आरोपी बनाया था, अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। उन्होंने कहा कि निचली अदालत पहले ही आरोपियों को दोषमुक्त कर चुकी थी और अब हाईकोर्ट ने भी उसी फैसले को बरकरार रखा है।

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जब भी ऐसी गंभीर घटनाएं हुईं, तब असली दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि गरीब आदिवासियों को आरोपी बनाकर पेश किया गया, लेकिन पुलिस उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत नहीं कर सकी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले से यह कहती रही है कि सरकार गरीब आदिवासियों को प्रताड़ित करने की कोशिश कर रही है। ताड़मेटला हो या झीरम घाटी हमला, दोनों मामलों में असली दोषी अब भी सलाखों के बाहर हैं और केवल खानापूर्ति की कार्रवाई की गई है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ताड़मेटला हमले में सीआरपीएफ के 75 जवान और जिला पुलिस बल का एक जवान शहीद हुआ था, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका। उन्होंने इसके लिए तत्कालीन भाजपा सरकार की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया।

वहीं प्रदेश सरकार के सुशासन तिहार को लेकर भी कांग्रेस ने हमला बोला। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सुशासन तिहार पूरी तरह विफल साबित हो रहा है और जनता का सरकार पर भरोसा नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन लोगों को इकट्ठा कर फर्जी आवेदन प्रस्तुत कर रहा है और सरकारी पैसे की फिजूलखर्ची की जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि पिछली बार आयोजित सुशासन तिहार के दौरान मिले 8 लाख से अधिक आवेदन अब तक लंबित हैं, जिसकी वजह से लोग इस बार इस कार्यक्रम में रुचि नहीं ले रहे हैं।