March 3, 2026

बजट से पहले कांग्रेस की रणनीति तय, धर्मांतरण विधेयक के विरोध का ऐलान

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट 2026 पेश होने की पूर्व संध्या पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक हुई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ दीपक बैज, उप नेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा शामिल हुए।

बैठक में कांग्रेस विधायकों ने बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की। साथ ही विधायक कवासी लखमा को सत्र में शामिल होने की अनुमति देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का आभार भी जताया गया।

जनहित के मुद्दों पर आक्रामक रुख

नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि कांग्रेस बजट सत्र में जनहित से जुड़े मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाएगी। उन्होंने धान खरीदी में कथित अव्यवस्था को बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि राज्य के इतिहास में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। किसानों की परेशानियों को सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

कांग्रेस ने प्रशासनिक आतंकवाद, गुरूर में पुलिस प्रताड़ना से जुड़े आत्महत्या प्रकरण, एसडीएम विवाद, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी (एसआईआर), बिजली बिल दरों में वृद्धि जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

चरण दास महंत ने राज्य सरकार के तीसरे बजट को “दुर्गति वाला बजट” करार देते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं जनता के हित में नहीं दिख रही हैं।

धर्मांतरण विधेयक का विरोध

धर्मांतरण विधेयक पर महंत ने कहा कि जब मामला न्यायालय में लंबित है तो सरकार इस विषय पर कानून क्यों ला रही है। कांग्रेस इस विधेयक का विरोध करेगी।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर सवाल

महंत ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कहा कि सरकार एक ओर नक्सलियों के सफाए की बात कर रही है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर उसकी नीति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन इलाकों में विकास कार्य सरकार करेगी या बड़े उद्योगपति।

कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि बजट सत्र में विपक्ष का रुख आक्रामक रहेगा और कई अहम मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया जाएगा।