July 23, 2026

Crude Oil Price Today: सऊदी अरब ने कच्चे तेल की कीमतों में की रिकॉर्ड कटौती, भारत को मिल सकता है बड़ा फायदा

नई दिल्ली। सऊदी अरब ने अगस्त महीने के लिए अपने कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। तेल उत्पादक देशों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उत्पादन में वृद्धि के बीच यह फैसला लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एशियाई ग्राहकों के लिए सऊदी अरब ने अरब लाइट क्रूड की आधिकारिक बिक्री कीमत (OSP) में 1.10 डॉलर प्रति बैरल की कटौती की है, जिसे हाल के वर्षों की बड़ी कटौतियों में माना जा रहा है। इससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद है।

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। रूस के बाद सऊदी अरब भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। ऐसे में कीमतों में कमी का असर आने वाले समय में आयात लागत पर पड़ सकता है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एशियाई बाजार के लिए सऊदी अरब के कच्चे तेल की कीमत अब ओमान और दुबई क्रूड के औसत से 1.50 डॉलर प्रति बैरल कम रखी गई है। वहीं, वैश्विक स्तर पर उत्पादन बढ़ने और भू-राजनीतिक तनाव में कुछ कमी आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।

पेट्रोल-डीजल पर पड़ सकता है असर

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत में पेट्रोल और डीजल की लागत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, खुदरा ईंधन कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें डॉलर-रुपया विनिमय दर, रिफाइनिंग लागत, परिवहन, कर और तेल विपणन कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

OPEC+ ने भी बढ़ाया उत्पादन

सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व वाले OPEC+ समूह ने अगस्त के लिए तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश अपने बढ़े हुए उत्पादन को बाजार में उतार रहे हैं, जिससे आपूर्ति बढ़ने और कीमतों पर दबाव बने रहने की संभावना है।

दावे पर एक जरूरी स्पष्टता

आपके दिए गए इनपुट में 11 डॉलर प्रति बैरल की कटौती और पिछले 26 वर्षों की सबसे बड़ी कटौती का उल्लेख है। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, यह आंकड़ा संभवतः 1.10 डॉलर प्रति बैरल की कटौती है, न कि 11 डॉलर प्रति बैरल। इसलिए प्रकाशित समाचार में इस तथ्य का आधिकारिक स्रोत से सत्यापन करना उचित रहेगा।