रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रश्नकाल के दौरान राज्य में कस्टोडियल डेथ और जेलों की बढ़ती संख्या को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से कड़े सवाल किए। उन्होंने जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक राज्य की जेलों में कितनी अस्वाभाविक मौतें हुई हैं, और क्या इन सभी प्रकरणों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार न्यायिक जांच पूरी हो चुकी है, यह जानना चाहा।
भूपेश बघेल ने यह भी सवाल उठाया कि राज्य की जेलों की वर्तमान क्षमता के मुकाबले कैदियों की संख्या 150% से अधिक क्यों है। उन्होंने पिछले एक वर्ष में हत्या, लूट और फिरौती जैसे जघन्य अपराधों में 35% वृद्धि की जानकारी भी मांगी, साथ ही पुलिस द्वारा पकड़े गए अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करों की सूची की मांग की।
इस पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी कि जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक केन्द्रीय और जिला जेलों में कुल 66 बंदियों की मृत्यु हुई। इन मामलों में 18 प्रकरणों में न्यायिक मजिस्ट्रेट की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि 48 प्रकरणों में जांच प्रक्रियाधीन है।
भूपेश बघेल के सवालों ने विधानसभा में कस्टोडियल मौतों, जेलों की बढ़ती भीड़ और राज्य में बढ़ते अपराधों के मुद्दों पर गंभीर बहस को जन्म दिया है।





