रायपुर। नवा रायपुर स्थित तूता में डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन मंगलवार को 133वें दिन में प्रवेश कर गया। अभ्यर्थी शेष सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले चार महीनों से अधिक समय से धरने पर डटे हुए हैं। भीषण गर्मी और स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद आंदोलन जारी है।
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि 1316 सहायक शिक्षक पद अब भी खाली हैं, जबकि केवल 1299 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई है। उनका आरोप है कि पात्रता के बावजूद कई योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित रखा गया है।

स्वास्थ्य स्थिति गंभीर
अभ्यर्थियों के अनुसार अब तक 300 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ चुकी है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। रोजाना 2 से 3 अभ्यर्थी लू और डिहाइड्रेशन से प्रभावित हो रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
आंदोलन और विरोध प्रदर्शन
अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्ण तरीके से कई प्रकार के विरोध प्रदर्शन किए हैं, जिनमें मौन धरना, कैंडल मार्च, जल सत्याग्रह, दंडवत यात्रा और सांकेतिक प्रदर्शन शामिल हैं। जनजागरूकता के लिए “एक कप चाय न्याय के नाम” अभियान भी चलाया गया।
प्रशासन और सरकार से मांग
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि शेष 1316 पदों पर तत्काल नियुक्ति की जाए और हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह आंदोलन अब केवल नौकरी की नहीं, बल्कि न्याय और अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है।





