दंतेवाड़ा, 13 फरवरी 2026 – जिले में मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बेहतर प्रगति हेतु कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने आज जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के मैदानी कर्मचारियों के बीच आपसी सामंजस्य आवश्यक है। दोनों विभागों का दायित्व है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अपनी टीम को सक्रिय करें।
बैठक में कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में अधिकारी एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आधार-आधारित अटेंडेंस अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं के लिए सोनोग्राफी और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने, वीएचएसएनडी कार्यक्रम के मंगलवार और शुक्रवार को प्रभावी क्रियान्वयन, पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों की देखभाल, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, टीकाकरण, आयुष्मान योजना और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्रों का बेड ऑक्यूपेंसी रेट और उपचार दर, आयरन की नीली गोली वितरण, टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत आंकलन प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर ने गंभीर रोगियों के त्वरित रेफरल और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय रामटेके, सिविल सर्जन अभय तोमर, डीपीएम प्रतीक सोनी और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।




