March 3, 2026

कांग्रेस की नियुक्ति सूची में ‘मृत’ नेता बना मंडल अध्यक्ष, भाजपा का तंज – नकल के लिए भी अक्ल चाहिए

रायपुर:
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति अब विवादों में घिर गई है। पार्टी ने ऐसी नियुक्ति कर दी, जिसमें एक ऐसे व्यक्ति का नाम शामिल कर लिया गया जिसकी पहले ही मृत्यु हो चुकी है। मामला सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है, वहीं कांग्रेस ने इसे प्रक्रिया की देरी का नतीजा बताते हुए जल्द सुधार का भरोसा दिलाया है।

सूची में मृत व्यक्ति का नाम

कांग्रेस द्वारा जारी नवनियुक्त मंडल अध्यक्षों की सूची में गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक के इंदागांव मंडल अध्यक्ष के तौर पर रूपेंद्र सोम का नाम शामिल है, जबकि रूपेंद्र सोम का पहले ही निधन हो चुका है। इस चूक के बाद कांग्रेस की संगठनात्मक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

भाजपा का हमला – नकल के लिए भी अक्ल चाहिए

मामले पर कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा,
“BJP की नकल कर कांग्रेस ने मंडल अध्यक्ष बना दिया, लेकिन नकल के लिए भी अक्ल भी चाहिए। कांग्रेस को अपने संगठन में SIR कराना चाहिए, ताकि पता चले कौन जीवित है और कौन नहीं।”

वहीं राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने भी निशाना साधते हुए कहा,
“कांग्रेस का अपना अलग ही कल्चर है। पतन की ओर जा रही कांग्रेस अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद कर रही है। इनके यहां प्रजातांत्रिक प्रणाली नहीं है। मरे हुए को मंडल अध्यक्ष बना दिया और फिर साजिश और वोट चोरी की बात करते हैं।”

कांग्रेस की सफाई – प्रक्रिया लंबी थी

इधर विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह नियुक्ति प्रक्रिया बीते पांच महीनों से चल रही थी।

उन्होंने कहा,
“पहली बार कांग्रेस ने मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की है। अगले दो महीनों में 27 हजार बूथ कमेटियां भी गठित की जाएंगी। सूची जारी होने से पहले एक अध्यक्ष का निधन हो गया था। उनकी जगह जल्द नई नियुक्ति कर दी जाएगी।”

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस की संगठनात्मक पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष इसे कांग्रेस की अव्यवस्था बता रहा है, वहीं पार्टी इसे मानवीय भूल बताकर सुधार की बात कर रही है।

अब देखना होगा कि कांग्रेस इस विवाद के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में क्या बदलाव करती है और कब नई सूची जारी की जाती है।