September 4, 2026

दीपक बैज का BJP सरकार पर हमला: शिक्षा, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और धान खरीदी को लेकर साधा निशाना

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर शिक्षा, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और धान खरीदी समेत कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी व्यवस्थाएं लगातार बदहाल होती जा रही हैं और सरकार जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने के बजाय दिखावे की राजनीति में व्यस्त है।

शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा

दीपक बैज ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कई स्कूल ऐसे हैं, जहां बच्चों के लिए उचित स्कूल भवन तक उपलब्ध नहीं है। कई विद्यालयों के भवन जर्जर हैं और बारिश के दौरान छतों से पानी टपक रहा है।

उन्होंने धमतरी में शिक्षकों की कमी के विरोध में बच्चों द्वारा स्कूल में तालाबंदी किए जाने का जिक्र किया। वहीं धमधा में स्कूल भवन नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए। बैज ने कहा कि धमधा शिक्षा मंत्री का जिला है, इसके बावजूद वहां शिक्षा व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

बस्तर का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह दो साल बाद भी स्कूल भवनों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है और बच्चे पंचायत भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। उन्होंने दावा किया कि विद्यार्थियों को अब तक किताबें और ड्रेस भी नहीं मिल पाई हैं। बैज ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री को रील बनाने से फुर्सत नहीं है और सरकार ने प्रदेश की स्कूली व्यवस्था को बदहाल कर दिया है।

कानून-व्यवस्था को लेकर भी निशाना

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राजधानी रायपुर में हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए बैज ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कमिश्नरी व्यवस्था भी प्रभावी साबित नहीं हो रही है। बैज ने गृहमंत्री पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें फोटो सेशन से फुर्सत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अपराध के मामले में छत्तीसगढ़ की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।

सुप्रिया श्रीनेत पर FIR को लेकर सवाल

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने के मामले पर भी दीपक बैज ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा नेता अजय चंद्राकर से मामले की वास्तविकता स्पष्ट करने की मांग की।

बैज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगातार FIR दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ चाहे एक FIR हो या 10 FIR, दबाव की राजनीति बंद होनी चाहिए।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर स्वास्थ्य मंत्री को घेरा

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बैज ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को पहले अपने जिले और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर में मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों से लोगों की मौत हो रही है।

दवाओं की खरीदी को लेकर भी बैज ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से दवाओं की खरीदी की जा रही है और अमानक तथा कथित नकली दवाओं की खरीदी का मामला सामने आया है। बैज ने स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में जनता से माफी मांगने की मांग की।

धान खरीदी और संग्रहण केंद्रों का निरीक्षण करेगी कांग्रेस

धान खरीदी को लेकर दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की टीम प्रदेश के धान खरीदी और संग्रहण केंद्रों का निरीक्षण करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर धान खुले में पड़ा है और उसे जानबूझकर भिगोया जा रहा है।

बैज ने धान खरीदी से लेकर उठाव तक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि जांच के जरिए कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को सामने लाया जाएगा।

खुले नाले में बच्चे की मौत पर भी सरकार को घेरा

खुले नाले में बच्चे की मौत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बयान पर भी बैज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खुले नाले को ढंकना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। बैज ने कहा कि यदि सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

भाजपा के प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति पर तंज

भाजपा के प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति को लेकर भी पीसीसी चीफ ने तंज कसा। बैज ने कहा कि पिछले तीन-चार महीने से भाजपा का प्रदेश प्रभारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश प्रभारी के बिना भाजपा का संगठनात्मक कामकाज प्रभावित हो रहा है और पार्टी बिना सिर-पैर के काम कर रही है।

दीपक बैज के इन बयानों के जरिए कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और धान खरीदी जैसे मुद्दों पर घेरने की कोशिश की है। वहीं, बैज के आरोपों पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।