May 13, 2026

डीपफेक कंटेंट पर दिल्ली हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी, सोशल मीडिया पर फेमस पर्सन से जुड़ी हर सामग्री हटाने योग्य नहीं

सोशल मीडिया पर AI आधारित डीपफेक वीडियो और तस्वीरों के बढ़ते मामलों के बीच Delhi High Court ने कहा है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के खिलाफ प्रकाशित या प्रसारित हर सामग्री पर पूर्ण रोक नहीं लगाई जा सकती। अदालत ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तित्व अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत बताई।

अर्जुन कपूर की याचिका पर सुनवाई
यह टिप्पणी अभिनेता Arjun Kapoor की पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान आई। याचिका में आरोप लगाया गया कि कई अज्ञात प्रतिवादी उनकी तस्वीरों और पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल कर रहे हैं।

अभिनेता की ओर से कहा गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम और तस्वीरों का उपयोग कर AI आधारित डीपफेक, अश्लील और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है।

कोर्ट ने क्या कहा
जस्टिस Tushar Rao Gedela की पीठ ने कहा कि:

  • हर सामग्री को व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
  • केवल वही सामग्री न्यायिक हस्तक्षेप योग्य होगी जो मानहानिकारक, अपमानजनक या निजता का उल्लंघन करती हो।
  • किसी सामग्री को हटाने या रोकने का फैसला उसके स्वरूप, प्रभाव और कानूनी आधार पर तय होगा।

AI से तैयार आपत्तिजनक सामग्री पर चिंता
सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकील ने कहा कि विवादित कंटेंट केवल व्यंग्य या हास्य नहीं, बल्कि AI की मदद से तैयार विकृत और आपत्तिजनक छवियां हैं। इनमें तस्वीरों को मॉर्फ कर अनुचित तरीके से प्रसारित किया जा रहा है।

डिजिटल युग में पर्सनैलिटी राइट्स पर फोकस
हाई कोर्ट पहले भी कई मामलों में सार्वजनिक हस्तियों के नाम, छवि, आवाज और पहचान के दुरुपयोग पर हस्तक्षेप कर चुका है। अदालत ने साफ किया है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल भ्रामक, अपमानजनक या व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं किया जा सकता।

फिलहाल अदालत ने अंतरिम राहत से जुड़े आदेश को सुरक्षित रख लिया है।