नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ हाल ही में हुई आपत्तिजनक नारेबाजी और कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को लेकर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश की एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली किसी भी अलगाववादी सोच को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चल रहा नक्सलवाद उन्मूलन अभियान केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशविरोधी और अलगाववादी मानसिकता के खिलाफ एक व्यापक वैचारिक लड़ाई भी है। उन्होंने कहा कि जो विचारधाराएं देश को तोड़ने का प्रयास करती हैं, उनका अंत तय है और अब ऐसी सोच की “कब्र खुदेगी”।
उन्होंने बस्तर अंचल का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने तथा स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने पर लगातार काम कर रही है। इन प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव और स्थायी शांति दिखाई दे रही है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय परिसरों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन राष्ट्रविरोधी नारे, हिंसा या अलगाव को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के दायरे में रहते हुए ऐसे कृत्यों पर सख्त कार्रवाई करेगी, ताकि शैक्षणिक संस्थान ज्ञान, शोध और राष्ट्रनिर्माण के केंद्र बने रहें।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि 5 जनवरी की रात JNU परिसर में छात्र संघ और वामपंथी संगठनों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान शरजील इमाम और उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए गए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी आपत्तिजनक नारेबाजी की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
JNU प्रशासन ने वसंत कुंज (उत्तर) थाना प्रभारी को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। शिकायत में JNU छात्र संघ के अध्यक्ष अदिती मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका बाबू, महासचिव सुनील यादव और संयुक्त सचिव दानिश अली सहित कई छात्रों के नाम शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि यह घटना विश्वविद्यालय की आचार संहिता का उल्लंघन है और कैंपस की शांति व सुरक्षा के लिए खतरा है।
इस मामले पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और हिंदू सेना ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। दोनों संगठनों ने दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।





