May 14, 2026

सुशासन तिहार से दूरी बनाकर धरने पर बैठे सरपंच, बोले- देवभोग ब्लॉक की हो रही उपेक्षा

गरियाबंद। जिले के देवभोग ब्लॉक में आयोजित सुशासन तिहार के बीच सरपंचों की नाराजगी खुलकर सामने आई है। माडागांव में लगाए गए प्रशासनिक शिविर में ब्लॉक के सरपंच शामिल नहीं हुए। इतना ही नहीं, उन्होंने आगामी शिविरों में भी किसी प्रकार का सहयोग नहीं करने का फैसला लिया है।

ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष पवन यादव ने बताया कि देवभोग ब्लॉक की 53 पंचायतों के सरपंचों ने बैठक कर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है। उनका कहना है कि पंचायतों की लगातार उपेक्षा की जा रही है और विकास कार्यों को मंजूरी नहीं मिल रही है।

सरपंच रौशनी प्रधान ने कहा कि वे सरकार के सुशासन तिहार का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन सहयोग भी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता की मांग के बावजूद एक नाली तक का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। सरपंचों द्वारा कलेक्टर से लेकर मंत्री और मुख्यमंत्री तक मांग पत्र दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली और सक्षम लोग काम स्वीकृत करा लेते हैं, जबकि सरपंचों को नजरअंदाज किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों से देवभोग ब्लॉक के सरपंच लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं, जबकि जिले के अन्य ब्लॉकों में भरपूर विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

ब्लॉक के 53 में से 40 से अधिक पंचायतों के सरपंच धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि देवभोग ब्लॉक में मांग के बावजूद रोजगारमूलक और हितग्राहीमूलक कार्यों को मंजूरी नहीं दी जा रही है। केवल मिट्टी कार्य देकर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि पंचायतों को मटेरियल वर्क की भी आवश्यकता है।

सरपंचों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्देश और मांग के बावजूद पीएम आवास हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

धरने की सूचना मिलने के बाद जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सरपंचों से मिलने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे सरपंचों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकारी योजनाओं के तहत निर्माण कार्यों की मंजूरी दिलाने का भरोसा दिया।