July 23, 2026

53 किलो गांजा तस्करी मामले में दो तस्करों को 10-10 साल की सजा, धमतरी पुलिस को मिली बड़ी सफलता

धमतरी। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 53 किलो गांजा तस्करी मामले में धमतरी पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1-1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस की वैज्ञानिक जांच और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आया।

पुलिस के अनुसार, 9 जनवरी 2024 को थाना बोराई पुलिस ने बैरियर नाका पर वाहन जांच के दौरान ओडिशा की ओर से आ रही कार (MP-20-FA-2513) को संदेह के आधार पर रोका। तलाशी लेने पर कार की डिक्की और बीच की सीट में रखी तीन प्लास्टिक बोरियों से 53 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

11.10 लाख की संपत्ति जब्त

वाहन में सवार तोषण विश्वकर्मा उर्फ राजा (सतना, मध्यप्रदेश) और विजय विश्वकर्मा (रीवा, मध्यप्रदेश) गांजा परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने दोनों के कब्जे से गांजा, कार, दो मोबाइल फोन और नकद राशि सहित करीब 11.10 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

मजबूत साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध

मामले की सुनवाई के दौरान धमतरी पुलिस ने न्यायालय के समक्ष वैज्ञानिक और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिन्हें स्वीकार करते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

विवेचना अधिकारी को मिलेगा पुरस्कार

इस मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक रामकृष्ण साहू ने की थी। उनकी पेशेवर और सूक्ष्म जांच की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने उन्हें 500 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।

एसपी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक विवेचना के माध्यम से ही अपराधियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाई जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धमतरी पुलिस भविष्य में भी अवैध मादक पदार्थों, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रखेगी।