March 4, 2026

धमतरी मॉडल अब पूरे प्रदेश में लागू: आंगनबाड़ी भवन बनेंगे ‘लर्निंग लैब’, BaLA कॉन्सेप्ट अनिवार्य

बाल शिक्षा और सर्वांगीण विकास की दिशा में धमतरी जिले की अभिनव पहल अब पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मार्गदर्शक बन गई है। जिले में सफलतापूर्वक लागू किए गए “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को अब संपूर्ण प्रदेश में लागू किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में निर्मित एवं निर्माणाधीन सभी आंगनबाड़ी भवनों में BaLA कॉन्सेप्ट को अनिवार्य रूप से लागू करने को कहा है।

निर्देशानुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से आंगनबाड़ी भवनों को इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि भवन स्वयं बच्चों के लिए शिक्षण-सहायक सामग्री का कार्य करे। BaLA कॉन्सेप्ट के तहत दीवारों पर वर्णमाला, अंक, आकृतियां, स्थानीय चित्रकथाएं, फर्श पर खेल-आधारित शिक्षण सामग्री और खिड़की-दरवाजों के माध्यम से आकार व माप की समझ जैसे नवाचार शामिल किए जाएंगे।

15 मार्च 2026 तक निर्माण पूर्ण करने के निर्देश

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी ग्राम पंचायतें स्वीकृत तकनीकी डिज़ाइन और निर्धारित वित्तीय प्रावधानों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करें। साथ ही, प्रदेश में चल रहे सभी आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ 15 मार्च 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर का बयान

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले में BaLA कॉन्सेप्ट के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से देखने को मिले हैं। आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के लिए जीवंत शिक्षण प्रयोगशाला के रूप में विकसित हुए हैं। बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि, सीखने की गति में सुधार और अभिभावकों की संतुष्टि इस पहल की सफलता को दर्शाती है।

उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने तथा स्थानीय कलाकारों व समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा

यह पहल प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को सुदृढ़ करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक अधोसंरचना के सृजनात्मक उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करेगी। धमतरी का यह नवाचार अब पूरे प्रदेश में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेगा।