धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई कर एक बाल विवाह रुकवा दिया। कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम चरमुड़िया में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की का विवाह 18 वर्षीय नाबालिग लड़के से कराया जा रहा था। बारात गांव पहुंच चुकी थी और शादी की रस्में शुरू हो चुकी थीं, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवा दिया।
जानकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग को बाल विवाह की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम तत्काल गांव पहुंची और जांच में पाया कि विवाह के लिए दोनों पक्षों के युवक-युवती नाबालिग हैं।
टीम ने दोनों परिवारों को बाल विवाह निषेध कानून, इसके कानूनी परिणाम और बच्चों के स्वास्थ्य एवं भविष्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। काफी समझाइश के बाद दोनों परिवार शादी रोकने के लिए तैयार हो गए और विवाह संपन्न नहीं हो सका।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। यह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर डालता है। विभाग ने नागरिकों से किसी भी बाल विवाह की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की भी अपील की है।





