September 4, 2026

गंगरेल जलाशय में जुटे 200 से ज्यादा स्टार्टअप फाउंडर्स, उद्यमिता और नवाचार पर हुआ मंथन

धमतरी। गंगरेल जलाशय में रविवार को उद्यमिता और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां आयोजित फाउंडर्स मानसून रिट्रीट-2026 में 200 से अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स, उद्यमी, मेंटर्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। एक दिवसीय कार्यक्रम की थीम “एस्केप. एंगेज. एलीवेट.” रही।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्टार्टअप संस्थापकों को साझा मंच उपलब्ध कराना, अनुभवों का आदान-प्रदान करना और नए बिजनेस आइडिया, नवाचार एवं नेटवर्किंग को बढ़ावा देना रहा। इस दौरान स्टार्टअप इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30, मार्केटिंग, निवेश और बिजनेस विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की।

धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले में स्थानीय संसाधनों और युवाओं की प्रतिभा को उद्यमिता से जोड़कर रोजगार एवं नए व्यवसाय के अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं कृषि प्रसंस्करण, पर्यटन, जल आधारित गतिविधियों, खाद्य प्रसंस्करण, स्थानीय उत्पाद, डिजिटल तकनीक और सेवा क्षेत्र में स्टार्टअप की बड़ी संभावनाएं हैं।

कार्यक्रम में डीपीआईआईटी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव संजीव सिंह ने स्टार्टअप फाउंडर्स से संवाद किया। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया के तहत उपलब्ध नीतिगत सहयोग और वित्त पोषण के अवसरों की जानकारी दी। वहीं अनुभवी उद्यमियों ने अपनी बिजनेस जर्नी, संघर्ष, चुनौतियों और सफलता से जुड़ी सीख प्रतिभागियों के साथ साझा की।

AI से लेकर मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर सत्र

फाउंडर्स मानसून रिट्रीट में शुरुआती चरण के स्टार्टअप में AI के उपयोग, छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30, कृषि एवं बस्तर आधारित स्टार्टअप, प्रोडक्ट को बाजार तक पहुंचाने की रणनीति, सोशल मीडिया ब्रांडिंग और कानूनी अनुपालन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में बिजनेस और ज्ञानवर्धक सत्रों के साथ फाउंडर्स के बीच नेटवर्किंग पर भी विशेष जोर दिया गया। संस्थापक परिचय चक्र, इनडोर चैलेंज और विभिन्न फाउंडर-केंद्रित गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को एक-दूसरे से जुड़ने और अपने विचार साझा करने का अवसर मिला।

गंगरेल के प्राकृतिक वातावरण में आयोजित इस आयोजन के जरिए उद्यमियों ने नए संपर्क बनाए और संभावित बिजनेस अवसरों पर चर्चा की। कृषि, पर्यटन, जल संसाधन, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों की संभावनाओं को स्टार्टअप से जोड़ने की दिशा में इस आयोजन को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।