धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उडेना समेत कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारी बारिश के कारण करीब तीन हजार एकड़ में लगी फसल जलमग्न हो गई है, जबकि खेत, सड़कें और पुलिया पानी में डूबने से ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
जानकारी के अनुसार, उडेना मार्ग पर बारिश के बाद हालात बेहद गंभीर हैं। कई स्थानों पर सड़कें, खेत और पुलिया पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। पानी का बहाव इतना तेज है कि रास्ता पार करना जोखिम भरा हो गया है। इसके बावजूद ग्रामीण जरूरी कार्यों के लिए जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से आवागमन करने को मजबूर हैं।
स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
लगातार जलभराव के कारण कई ग्रामीण बस्तियों में भी पानी घुस गया है। लोगों को घरों से पानी निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बारिश का असर बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर भी पड़ा है। कई मार्ग जलमग्न होने से स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
3 हजार एकड़ फसल प्रभावित, किसानों ने मांगा मुआवजा
उडेना के अलावा झरिया, नवापारा, देवरी, दोनर, सेमरा और गगरा सहित आसपास के कई गांवों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। खेतों में पानी भर जाने से करीब तीन हजार एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है। किसानों ने फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताते हुए प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
जिले में लगातार हो रही बारिश और जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कलेक्टर ने नागरिकों से रपटों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी स्थिति में जोखिम उठाकर पानी पार नहीं करने की सलाह दी है।
फिलहाल धमतरी जिले में बारिश का सिलसिला जारी है और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही, तो प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन और खेती-किसानी पर संकट और गहरा सकता है। ऐसे में प्रशासन के सामने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसानों को राहत पहुंचाने की बड़ी चुनौती है।





