
धमतरी जिला आज केवल कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में ही नहीं, बल्कि औद्योगिक संभावनाओं से भरपूर उभरते जिले के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। जिले में लगभग 230 राइस मिलें संचालित हैं, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य और लगभग 3,000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।
साथ ही वनोपज आधारित 12 इकाइयाँ जिले में स्थापित हैं, जो स्थानीय संसाधनों के सतत उपयोग और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा दे रही हैं।
बीते दो वर्षों में औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुरूद विकासखंड के भालुझूलन (11 हेक्टेयर) और मगरलोड विकासखंड के करेलीबड़ी (14 हेक्टेयर) में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए भूमि का आधिपत्य सीएसआईडीसी को सौंपा गया। ग्राम श्यामतराई में 8.83 हेक्टेयर भूमि पर 464 लाख रुपये की लागत से लघु वनोपज प्रसंस्करण औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया गया।
धमतरी जिले में औद्योगिक विकास को लेकर राज्य शासन और जिला प्रशासन का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि कृषि एवं वनोपज आधारित उद्योगों के साथ आधुनिक तकनीक और निवेश को जोड़कर टिकाऊ विकास सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के अनुसार, औद्योगिक अधोसंरचना, भूमि बैंक और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के परिणामस्वरूप जिले में निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है और स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
धमतरी जिला नियोजित औद्योगिक विकास, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के चलते निवेश और रोजगार का आकर्षक केंद्र बन रहा है।





