May 15, 2026

Dhamtari Naxal Surrender: धमतरी में नक्सल उन्मूलन को बड़ी सफलता, 47 लाख के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने किया सरेंडर

📰 धमतरी में नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को आज बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। आईजी अमरेश मिश्रा और धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार के समक्ष एक साथ 9 सक्रिय हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।

सरेंडर करने वालों में 05 महिला और 04 पुरुष नक्सली शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से सीतानदी, नगरी, मैनपुर और गोबरा क्षेत्र में सक्रिय थे और कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं।

इन सभी नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान इन्होंने बड़ी मात्रा में हथियार और सामग्री भी सुरक्षा बलों को सौंपी।


🧾 संगठन में अहम पदों पर थे नक्सली

आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली प्रतिबंधित ओडिशा स्टेट कमेटी के धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन से जुड़े हुए थे और संगठन में —

👉 डीवीसीएम
👉 एसीएम
👉 एरिया कमेटी कमांडर
👉 डिप्टी कमांडर

जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थे।


👥 इन 9 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

  1. ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा – डीवीसीएम सीतानदी एरिया कमेटी सचिव, ₹8 लाख इनामी
  2. उषा उर्फ बालम्मा – डीवीसीएम टेक्निकल (DGN), ₹8 लाख इनामी
  3. रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु – नगरी एसीएम, ₹5 लाख इनामी
  4. रोनी उर्फ उमा – सीतानदी एरिया कमेटी कमांडर, ₹5 लाख इनामी
  5. निरंजन उर्फ पोदिया – एससीएम टेक्निकल (DGN), ₹5 लाख इनामी
  6. सिंधु उर्फ सोमड़ी – एसीएम, ₹5 लाख इनामी
  7. रीना उर्फ चिरो – एसीएम सीनापाली एरिया कमेटी / एलजीएस, ₹5 लाख इनामी
  8. अमीला उर्फ सन्नी – एसीएम / मैनपुर एलजीएस, ₹5 लाख इनामी
  9. लक्ष्मी पूनेम उर्फ आरती – बॉडीगार्ड, ₹1 लाख इनामी

🔫 नक्सलियों ने सौंपे हथियार

✔️ इंसास राइफल – 02
✔️ एसएलआर राइफल – 02
✔️ कार्बाइन – 01
✔️ भरमार बंदूक – 01
✔️ कुल राउंड – 67
✔️ मैगजीन – 11
✔️ वॉकी-टॉकी – 01
✔️ अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री


🚓 पुलिस दबाव और पुनर्वास नीति का असर

धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य पुलिस बल और सीआरपीएफ द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों, बढ़ते दबाव और शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला किया।

दूरस्थ गांवों में —
👉 पोस्टर-बैनर
👉 पाम्फलेट वितरण
👉 आत्मसमर्पित नक्सलियों की अपील
👉 सिविक एक्शन कार्यक्रम
👉 खेल प्रतियोगिताएं

चलाकर युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका सकारात्मक असर अब दिख रहा है।


🧠 खोखली विचारधारा से हुआ मोहभंग

आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बताया कि संगठन की खोखली विचारधारा, जंगलों में कठिन जीवन, शासन की पुनर्वास सुविधाएं और पहले सरेंडर कर चुके साथियों के सुरक्षित जीवन से प्रेरित होकर उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा —

“जिले को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में अभियान लगातार जारी रहेगा। अन्य सक्रिय माओवादियों से भी आत्मसमर्पण की अपील की जा रही है।”


📌 इससे क्या बदलेगा?

👉 नक्सली नेटवर्क कमजोर होगा
👉 सीमावर्ती इलाकों में शांति बढ़ेगी
👉 युवाओं को विकास से जोड़ा जाएगा
👉 सुरक्षा बलों का मनोबल मजबूत होगा