July 30, 2026

छत्तीसगढ़ में पराली जलाने पर पहली बड़ी कार्रवाई, धमतरी के 5 किसानों पर लगा जुर्माना

धमतरी। छत्तीसगढ़ में पराली जलाने के मामले में पहली बार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पांच किसानों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के तहत 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई धमतरी के बागतराई रोड स्थित नगर निगम के लिगेसी वेस्ट प्लांट में लगी आग की जांच के बाद की गई है।

जानकारी के अनुसार, 25 मई को बागतराई रोड स्थित मणीकंचन केंद्र में आग लगने की घटना हुई थी। मामले की जांच में पाया गया कि लिगेसी वेस्ट स्थल के आसपास स्थित खेतों में पराली जलाए जाने की वजह से आग फैलकर कचरा संग्रहण स्थल तक पहुंची हो सकती है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई

नगर निगम द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन और हल्का पटवारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित भूमि स्वामियों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना गया। किसानों ने पराली जलाने के आरोपों से इनकार किया, लेकिन राजस्व अभिलेखों और जांच में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रशासन ने उन्हें जिम्मेदार माना।

NGT और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत जुर्माना

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, National Green Tribunal और Supreme Court of India के दिशा-निर्देशों के तहत दो एकड़ से कम भूमि रखने वाले किसानों पर 5 हजार रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अर्थदंड निर्धारित है। इसी प्रावधान के तहत पांचों किसानों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

वसूली के निर्देश, किसानों से अपील

प्रशासन ने संबंधित किसानों को अर्थदंड की वसूली के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसानों से फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन को अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की गई है।

अधिकारियों का कहना है कि पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि आगजनी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। भविष्य में इस तरह के मामलों पर निगरानी और सख्ती जारी रहेगी।