रायपुर/धरसीवां। राजधानी रायपुर के धरसीवां क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची से कथित सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा नेताओं द्वारा मामला उठाए जाने के बाद अब कांग्रेस ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और संबंधित पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, धरसीवां क्षेत्र के एक गांव से करीब डेढ़ माह पहले एक नाबालिग बच्ची लापता हुई थी। उस समय पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया था। अगले ही दिन बच्ची वापस घर लौट आई थी, जिसके बाद उसका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया गया था।
मामले में नया मोड़ तब आया जब भाजपा नेत्री, जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति सरोज चंद्रवंशी ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचीं और नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने सिलयारी चौकी प्रभारी पर पीड़िता और उसके परिवार को डराने-धमकाने तथा शिकायत दर्ज नहीं करने के गंभीर आरोप भी लगाए।
इसी दौरान कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे। ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने मामले की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
इसके बाद कांग्रेस ने धरसीवां में प्रदर्शन कर सीएसपी माना लंबोदर पटेल को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को 12 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने सिलयारी चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे को निलंबित करने की भी मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इधर पुलिस का कहना है कि मामले में पहले ही नियमानुसार कार्रवाई की गई थी और बच्ची के वापस आने पर उसका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया था। अब लगाए जा रहे नए आरोपों की भी विधिसम्मत जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में आगे की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





