May 19, 2026

धरसीवां में फैक्ट्रियों से उठता काला धुआं, कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रहा प्रदूषण

धरसीवां। विधानसभा क्षेत्र के औद्योगिक इलाकों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से रुक-रुककर भारी मात्रा में काला धुआं निकलता दिखाई दिया, जिसका दृश्य स्थानीय मीडिया के कैमरे में भी कैद हुआ है।

चिमनियों से लगातार निकल रहा जहरीला धुआं

धरसीवां के सांकरा और सोंडरा क्षेत्र में स्थित इस्पात संयंत्रों से दिनभर रुक-रुककर काला धुआं निकलता रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति अब आम हो गई है, जिससे वातावरण में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

कार्रवाई के बाद भी नहीं दिख रहा असर

पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा हाल ही में कुछ औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन उसका असर जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रहा है। फैक्ट्रियां पहले की तरह ही प्रदूषण फैला रही हैं, जिससे प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीणों की बढ़ी चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि दिन में रुक-रुककर और रात में भारी मात्रा में निकलने वाला जहरीला धुआं उनके जीवन पर सीधा असर डाल रहा है। घरों तक प्रदूषण की काली परत पहुंच रही है, वहीं तालाबों के पानी पर भी काली परत जमने लगी है।

स्थानीय ग्रामीण नेमीचंद निषाद ने बताया कि कुछ फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की खबर जरूर मिली थी, लेकिन प्रदूषण की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री होने से कुछ हद तक प्रदूषण स्वाभाविक है, लेकिन यह इतना ज्यादा नहीं होना चाहिए कि ग्रामीणों का जीवन ही प्रभावित हो जाए।

स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरा

लगातार बढ़ते प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराने लगा है। सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, वहीं जल स्रोतों के प्रदूषित होने से भविष्य में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।


धरसीवां के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है, ताकि पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।