रायपुर। दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और शासन के सहयोग से जीवन की कठिनाइयों को अवसर में बदला जा सकता है। इस बात को सच कर दिखाया है बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम चिरहुला निवासी दिव्यांग श्री राजेश कुमार पटेल ने। दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और व्यावसायिक प्रशिक्षण के सहारे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन दिया।
राजेश कुमार पटेल ने बिलासपुर स्थित शासकीय आश्रयदत्त कर्मशाला, तिफरा से सत्र 2023–24 में इलेक्ट्रिकल व्यवसाय का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण ने उन्हें तकनीकी दक्षता के साथ आत्मविश्वास भी दिया, जिससे वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सके।
प्रशिक्षण से पहले वे छोटी पान दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, लेकिन आय सीमित थी। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद उन्होंने अपने घर से ही इलेक्ट्रिकल उपकरण मरम्मत कार्य शुरू किया। वर्तमान में वे टेबल फैन, सीलिंग फैन, कूलर, मिक्सर-ग्राइंडर, हीटर, टेबल लैम्प, इन्वर्टर समेत कई घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत कर रहे हैं।
इस कार्य से अब उनकी दैनिक आय 500 से 1500 रुपये तक हो रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। आत्मनिर्भरता की राह ने उन्हें समाज में नई पहचान और आत्मसम्मान भी दिलाया है।
अपनी सफलता पर राजेश कुमार पटेल ने राज्य शासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग द्वारा संचालित व्यावसायिक प्रशिक्षण योजनाओं ने उन्हें सम्मानजनक आजीविका का अवसर दिया और आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त किया।





