डोंगरगढ़। शहर के बीच स्थित बुढ़ादेव पहाड़ी में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई है। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे पहाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।
सूखी घास और झाड़ियों की अधिकता के कारण आग तेजी से फैल रही है। तेज हवा के चलते लपटें लगातार ऊंचाई की ओर बढ़ रही हैं, जिससे हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं। आग की लपटें और घना धुआं शहर के कई हिस्सों से साफ दिखाई दे रहा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि सूचना के बावजूद खबर लिखे जाने तक मौके पर दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंच सकी हैं और न ही प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी नजर आई। स्थानीय लोग अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधनों के अभाव में उनके प्रयास सीमित साबित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका की दमकल टीम पहाड़ी क्षेत्र तक पहुंचने में असमर्थ है, जिसके चलते आग लगातार फैलती जा रही है।
बुढ़ादेव पहाड़ी न केवल प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय आस्था और धार्मिक विश्वास का भी केंद्र है। ऐसे में इस आगजनी से पर्यावरण को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही क्षेत्र के वन्य जीवों और जैव विविधता पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
फिलहाल स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और आग पर काबू पाने के लिए तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।





