डोंगरगढ़। चैत्र नवरात्रि के दौरान मां बम्लेश्वरी मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस वर्ष स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विशेष व्यवस्था की है। पहली बार मेले में निजी चिकित्सालयों की सहभागिता से नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पदयात्रियों को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सकेगा।

कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में निजी अस्पतालों के संचालकों और प्रतिनिधियों के साथ मेला अवधि के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने बताया कि 19 मार्च 2026 से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्रि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचते हैं, इसलिए शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों के साथ निजी चिकित्सालयों की भागीदारी से स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रमुख सेवा पंडालों और मार्गों पर अस्थायी मेडिकल कैम्प स्थापित किए जाएंगे, जहां निजी चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ रोटेशन के आधार पर ड्यूटी देंगे। इन शिविरों में श्रद्धालुओं को नि:शुल्क प्राथमिक उपचार और दवाइयों का वितरण किया जाएगा। आपात स्थिति के लिए निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस सेवाएं भी मेला क्षेत्र के आसपास तैनात रहेंगी। साथ ही भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में त्वरित सहायता के लिए बाईक एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24×7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा, जिसके माध्यम से शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच समन्वय बनाए रखा जाएगा। इस व्यवस्था में करीब 48 चिकित्सा संस्थान अपनी सेवाएं देंगे। बैठक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरूचि सिंह, संयुक्त कलेक्टर शीतल बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।





