July 23, 2026

55 करोड़ की परिक्रमा पथ परियोजना पर घमासान, कांग्रेस ने किया विरोध, 30 जून को चक्काजाम की चेतावनी

डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ की बहुचर्चित 55 करोड़ रुपये की परिक्रमा पथ परियोजना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। किसानों और सामाजिक संगठनों के विरोध के बाद अब कांग्रेस भी खुलकर परियोजना के खिलाफ मैदान में उतर आई है। पार्टी ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की है और मांगें पूरी नहीं होने पर 30 जून को चक्काजाम सहित उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

किसानों की आपत्तियों से शुरू हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत ग्राम छिरपानी समेत आसपास के गांवों के किसानों की आपत्तियों से हुई। किसानों का आरोप है कि पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध होने के बावजूद उनकी निजी कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। उनका कहना है कि भूमि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और उनकी आपत्तियों का उचित निराकरण भी नहीं हुआ।

किसानों ने पहले कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामला संभाग आयुक्त तक पहुंच चुका है।

कांग्रेस ने सरकार की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने परियोजना को लेकर सरकार और प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि डोंगरगढ़ लंबे समय से बाईपास सड़क की मांग कर रहा है, ताकि शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम हो और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण लगाया जा सके।

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि बाईपास जैसी जरूरी परियोजना को प्राथमिकता देने के बजाय परिक्रमा पथ पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि जिन धार्मिक स्थलों को जोड़ने का दावा किया जा रहा है, वे पहले से सड़क मार्ग से जुड़े हुए हैं।

प्रशासन ने गिनाए पर्यटन और रोजगार के फायदे

विवाद बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने परियोजना का बचाव करते हुए कहा है कि परिक्रमा पथ डोंगरगढ़ को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रशासन के अनुसार, परियोजना से श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।

डीपीआर सार्वजनिक करने की मांग

विरोध कर रहे किसानों और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि परियोजना पूरी तरह जनहित में है तो इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), अंतिम रूट मैप, भूमि चयन के आधार और वैकल्पिक विकल्पों के अध्ययन को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में परिक्रमा पथ परियोजना निरस्त करने, डोंगरगढ़ बाईपास निर्माण शुरू करने और शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।

पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 30 जून को चक्काजाम और व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

विवाद के केंद्र में विकास की प्राथमिकताएं

परियोजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि जब डोंगरगढ़ वर्षों से बाईपास सड़क की मांग कर रहा है, तब प्रशासन की प्राथमिकता परिक्रमा पथ परियोजना क्यों बनी? किसानों के विरोध, संभाग आयुक्त तक पहुंची शिकायतों और कांग्रेस के आंदोलन के ऐलान के बाद यह मुद्दा अब विकास, पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर बड़ी बहस का विषय बन गया है।