September 4, 2026

दुर्ग में त्योहारों को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी, पंडालों के लिए अनुमति से लेकर CCTV तक अनिवार्य

दुर्ग। आगामी त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों को देखते हुए जिला प्रशासन ने नगरीय क्षेत्रों में पंडालों एवं अस्थायी संरचनाओं के निर्माण के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सुरक्षा, यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल समेत नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शहर के प्रमुख मार्गों पर पूर्व में जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। वहीं भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की भूमि पर किसी भी आयोजन के लिए बीएसपी प्रबंधन की लिखित अनुमति अनिवार्य होगी।

आयोजन से पहले जमा करनी होगी सुरक्षा निधि

प्रशासन ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए आयोजकों से अग्रिम सुरक्षा निधि जमा कराने का निर्णय लिया है। 5000 वर्ग फीट तक के आयोजन के लिए 10 हजार रुपए तथा इससे अधिक क्षेत्रफल वाले आयोजनों के लिए 2 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से राशि जमा करनी होगी। आयोजन समाप्त होने के बाद स्थल निरीक्षण में नुकसान नहीं मिलने पर यह राशि वापस कर दी जाएगी।

इसके अलावा आयोजन स्थल पर अग्निशामक यंत्र, रेत और पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखना भी अनिवार्य होगा।

महिला-पुरुष शौचालय और CCTV कैमरे जरूरी

आयोजकों को अनुमानित भीड़ के अनुसार पर्याप्त महिला एवं पुरुष शौचालय की व्यवस्था करनी होगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 5000 वर्ग फीट तक के आयोजनों में कम से कम 8 CCTV कैमरे लगाने होंगे। कैमरों में न्यूनतम तीन दिन का रिकॉर्डिंग बैकअप होना जरूरी होगा और प्रवेश, निकास, पार्किंग, मूर्ति स्थल एवं मनोरंजन क्षेत्रों की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।

साथ ही बिजली कंपनी या बीएसपी विद्युत विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र, अस्थायी बिजली कनेक्शन और नो-ड्यूस प्रमाण पत्र लेना भी अनिवार्य किया गया है।

पार्किंग के लिए 50 प्रतिशत क्षेत्र आरक्षित

पार्किंग समस्या को देखते हुए प्रशासन ने निर्देश दिया है कि आयोजन स्थल के कुल क्षेत्रफल का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा पार्किंग के लिए आरक्षित रखा जाए। इस दौरान किसी भी प्रकार का अवैध पार्किंग शुल्क नहीं वसूला जाएगा।

इसके अलावा झूले, मनोरंजन यंत्र और 15 फीट से ऊंची झांकियों या गुफाओं के लिए संबंधित इंजीनियर से तकनीकी सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर रोक

जिला प्रशासन ने रात्रि 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं आयोजन स्थल और विसर्जन यात्रा मार्ग के आसपास पटाखे एवं आतिशबाजी का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूजा के लिए चंदा पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और रसीद देना अनिवार्य रहेगा। जबरन चंदा वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।