July 27, 2026

दुर्ग में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर, 200 सूअरों की मौत; फार्म सील

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के प्रकोप से हड़कंप मच गया है। नारधा-मुड़पार गांव स्थित एक सूअर फार्म में इस घातक वायरस के कारण 200 से अधिक सूअरों की मौत हो गई है, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल सख्त कदम उठाए हैं।

150 सूअरों को भी मारकर दफनाया गया
संक्रमण की पुष्टि होने के बाद पशुपालन विभाग ने एहतियातन बचे हुए करीब 150 सूअरों को इंजेक्शन देकर मार दिया और सभी को वैज्ञानिक तरीके से दफनाया गया, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

29 मार्च को लिए गए थे सैंपल
जानकारी के अनुसार, 29 मार्च को सुअरों के सैंपल लिए गए थे। इसके बाद 1 अप्रैल से सूअरों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ, जो 6 अप्रैल तक जारी रहा। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विभाग की टीम पीपीई किट पहनकर मौके पर पहुंची और पूरे फार्म को खाली कर सील कर दिया गया।

इंसानों के लिए खतरा नहीं, फिर भी सतर्कता जरूरी
अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है, जिसमें सूअरों की मृत्यु दर लगभग 100 प्रतिशत होती है। हालांकि यह बीमारी इंसानों को सीधे प्रभावित नहीं करती, लेकिन प्रशासन ने संक्रमित मांस के सेवन से बचने की सलाह दी है।

आसपास के इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
यह सूअर फार्म पोर्क सप्लाई का प्रमुख केंद्र था, जहां से अन्य जिलों और राज्यों में मांस भेजा जाता था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और अन्य जिलों को भी अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।