दुर्ग/बेमेतरा न्यूज अपडेट : व्यापार बंद, अधूरी योजनाएं और जनसमस्याओं पर सियासत तेज
बेमेतरा। कृषि व्यापारियों की समस्याओं को लेकर 27 अप्रैल को जिले में बड़ा असर देखने को मिलेगा। भारतीय राष्ट्रीय एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन के आह्वान पर महाराष्ट्र में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन बंद के समर्थन में छत्तीसगढ़ एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन ने भी एक दिवसीय सांकेतिक बंद का ऐलान किया है। बेमेतरा जिला कृषि व्यापारी संघ ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए जिलेभर में 27 अप्रैल को व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने का फैसला लिया है। इस दौरान व्यापारी कलेक्टर को प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री और कृषि सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों का निराकरण करने की अपील करेंगे।
मानपुर में बस स्टैंड निर्माण अब तक अधूरा
मानपुर क्षेत्र में बस स्टैंड निर्माण की घोषणा के वर्षों बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया है। जिला बनने के बाद क्षेत्रीय विकास की उम्मीदें जगी थीं, लेकिन अब तक सिर्फ घोषणाएं ही हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतरराज्यीय बस स्टैंड बनने से आवागमन और व्यापार को बड़ा फायदा मिलता, लेकिन परियोजना अब भी ठंडे बस्ते में है। ग्राम पंचायत द्वारा कुछ बुनियादी निर्माण जरूर किए गए, लेकिन मुख्य बस स्टैंड का कार्य शुरू नहीं हो सका।
नगर पालिका बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा
बेमेतरा नगर पालिका परिषद की प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल (PIC) बैठक में शहर के विकास को लेकर रणनीति बनाई गई। बैठक में स्वच्छता, पेयजल, सड़क और प्रकाश व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनसमस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं रखीं और उनके निराकरण पर जोर दिया गया।
खैरागढ़ में पानी और सफाई को लेकर विरोध तेज
खैरागढ़ के लालपुर वार्ड में पेयजल संकट और सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कांग्रेस नेताओं ने वार्ड का दौरा कर समस्याओं का जायजा लिया। लोगों ने आरोप लगाया कि घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा और महीनों से सफाई नहीं होने के कारण गंदगी फैल रही है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज ने कहा कि प्रशासन को तत्काल व्यवस्था सुधारनी चाहिए। वहीं विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनहित में आंदोलन जारी रहेगा।
जनसमस्याओं के बीच बढ़ी सियासी हलचल
भीषण गर्मी के बीच पानी, सफाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सियासत और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।




