भिलाईनगर। दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव से जुड़ी कई अहम खबरें सामने आई हैं। सेल कर्मियों के 39 महीने के एरियर का मामला अब तक सुलझ नहीं पाया है। वहीं छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने PhD प्रवेश प्रक्रिया को लेकर नियम स्पष्ट किए हैं। भिलाई में प्रस्तावित ओवरब्रिज की स्वाइल टेस्टिंग व्यापारियों के विरोध के बाद रोक दी गई है। राजनांदगांव में क्रिटिकल केयर अस्पताल का काम ट्रांसफार्मर नहीं लगने के कारण अटका हुआ है। इसके अलावा सड़कों पर मवेशियों, बूढ़ा सागर में गंदे पानी और बारिश में मंडी में किसानों की फसल भीगने जैसे मुद्दे भी सामने आए हैं।
बीएसपी कर्मियों का 39 माह का एरियर अटका
भिलाईनगर। महारत्न कंपनी सेल (SAIL) के इतिहास में पहली बार कर्मियों का वेज एग्रीमेंट करीब साढ़े 9 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। वहीं 39 महीने का एरियर भी कर्मचारियों को अब तक नहीं मिला है। बीएसपी समेत सेल की सभी यूनिट के कर्मचारियों को करीब 3 हजार करोड़ रुपये का एरियर दिया जाना था।
कर्मचारियों का वेज रिविजन 1 जनवरी 2017 से होना था। इसके लिए 22 अक्टूबर 2021 को एमओयू हुआ था, जिसमें इंटक, एटक और एचएमएस ने हस्ताक्षर किए, जबकि बीएमएस और सीटू ने हस्ताक्षर नहीं किए थे। यूनियन नेताओं के मुताबिक यह एमओयू केवल वेज स्ट्रक्चर तक सीमित रहा और वेज एग्रीमेंट अब तक पूरा नहीं हुआ।
सेल मैनेजमेंट ने 1 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2020 तक के 39 महीने के एरियर के भुगतान पर अफोर्डेबिलिटी क्लॉज का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। इस मुद्दे को लेकर 2024 और 2025 में विभिन्न यूनिटों में हड़ताल भी हुई। मामला चीफ लेबर कमिश्नर तक पहुंचा, लेकिन अब तक एरियर को लेकर सहमति नहीं बन सकी है।
CSVTU में PhD प्रवेश प्रक्रिया हुई स्पष्ट
भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में PhD प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा पैटर्न और छूट के नियम स्पष्ट कर दिए गए हैं। सामान्य अभ्यर्थियों के लिए 100 अंकों की तीन घंटे की लिखित परीक्षा होगी। इसमें पूरी तरह वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे।
परीक्षा दो सेक्शन में होगी। पहले सेक्शन में संबंधित विषय से 40 प्रश्न यानी 40 अंक और दूसरे सेक्शन में विषय के विशेषज्ञता क्षेत्र से 60 प्रश्न यानी 60 अंक होंगे। इसके बाद पर्सनल इंटरव्यू भी होगा।
NET, SLET, GATE, GPAT जैसी पात्रता रखने वाले अभ्यर्थियों के अलावा निर्धारित अनुभव वाले शिक्षक, वैज्ञानिक और शोधार्थियों को लिखित परीक्षा से छूट का प्रावधान किया गया है। संबंधित विभाग में कम से कम दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके नियमित विश्वविद्यालय या कॉलेज शिक्षकों तथा 15 वर्ष का औद्योगिक या फील्ड अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को भी निर्धारित शर्तों के तहत छूट मिलेगी।
कालीबाड़ी समिति के पदाधिकारियों ने संभाला पदभार
भिलाईनगर। सेक्टर-6 स्थित कालीबाड़ी में नवगठित कार्यकारी समिति का पदभार ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल और भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव मौजूद रहे। समिति के पदाधिकारियों ने शपथ लेकर पदभार संभाला।
कार्यकारिणी में कुल 21 पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान कालीबाड़ी परिसर में पौधारोपण भी किया गया। इस दौरान परिसर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।
व्यापारियों के विरोध के बाद ओवरब्रिज की स्वाइल टेस्टिंग रुकी
भिलाईनगर। गदा चौक से सुपेला चौक तक प्रस्तावित करीब 1 किलोमीटर लंबे ओवरब्रिज का स्थानीय व्यापारियों ने विरोध किया है। व्यापारियों ने सांसद विजय बघेल से मुलाकात कर प्रस्तावित निर्माण की समीक्षा करने और काम को फिलहाल रोकने की मांग की।
इसके बाद सांसद विजय बघेल ने पीडब्ल्यूडी ब्रिज के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर से बात कर स्वाइल टेस्टिंग रोकने को कहा। इसके बाद टेस्टिंग का काम रोक दिया गया।
सांसद ने कहा कि विकास कार्यों में जनभावनाओं का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने गदा चौक से सुपेला चौक के बीच पार्किंग व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत बताई और व्यापारियों से सहयोग की अपील की।
ट्रांसफार्मर नहीं लगा, क्रिटिकल केयर अस्पताल का काम अटका
राजनांदगांव। मेडिकल कॉलेज पेंड्री में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर अस्पताल का इंतजार और लंबा हो सकता है। अस्पताल का सिविल निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं लगने के कारण विद्युत संबंधी काम और जरूरी टेस्टिंग पूरी नहीं हो पा रही है।
ट्रांसफार्मर नहीं लगने से लिफ्ट और फायर सिस्टम की टेस्टिंग भी नहीं हो सकी है। इसके चलते अस्पताल को मेडिकल प्रबंधन को हैंडओवर नहीं किया जा सका है।
अस्पताल की नींव 24 जून 2023 को रखी गई थी और निर्माण जुलाई 2025 तक पूरा होना था। अस्पताल के निर्माण पर 16.23 करोड़ रुपये और उपकरणों पर 7.12 करोड़ रुपये, यानी कुल करीब 23.75 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अब विद्युत कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया के कारण हैंडओवर में और देरी की स्थिति बन गई है।
गौशाला के बावजूद सड़कों पर मवेशी, बढ़ा हादसों का खतरा
राजनांदगांव। शहर और ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर लावारिस मवेशियों की समस्या लगातार बनी हुई है। शहर में गौशालाएं संचालित होने के बावजूद सड़कों पर बड़ी संख्या में मवेशियों के घूमने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मवेशियों के उचित प्रबंधन की मांग की है। हाईवे के साथ शहर की आंतरिक सड़कों पर भी मवेशियों का जमावड़ा देखा जा रहा है।
बूढ़ा सागर में मिल रहा गंदा पानी, करोड़ों खर्च के बाद भी राहत नहीं
राजनांदगांव। ऐतिहासिक बूढ़ा सागर तालाब में शहर का गंदा पानी मिलने की समस्या अब भी बनी हुई है। वाटर ट्रीटमेंट और डायवर्सन पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गंदे पानी का तालाब में पहुंचना पूरी तरह नहीं रुका है।
पिछले दिनों बूढ़ा सागर में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के बाद पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे थे। तालाब का पानी हरा और मटमैला होने की बात सामने आई है।
अब शहर और आसपास के गंदे पानी को शिवनाथ नदी में जाने से रोकने के लिए 147.58 करोड़ रुपये की लागत से दो एसटीपी प्लांट बनाए जाने हैं। इनका निर्माण मोहारा और पार्रीनाला के पास प्रस्तावित है।
बारिश में मंडी में भीग रही किसानों की फसल
राजनांदगांव। बारिश के कारण कृषि उपज मंडी में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पर्याप्त शेड और भंडारण व्यवस्था नहीं होने से किसानों को अपनी उपज खुले में रखने की मजबूरी है। अचानक बारिश होने पर फसल को बचाना मुश्किल हो जाता है।
मंडी प्रबंधन के मुताबिक प्रतिदिन करीब 40 हजार कट्टे की आवक होती है। किसानों का कहना है कि बारिश के मौसम को देखते हुए पहले से पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उपज सुरक्षित रह सके।
वहीं शाम होते ही मंडी परिसर में असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायत भी सामने आई है। किसानों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त शेड उपलब्ध कराने की मांग की है।





