September 4, 2026

Durg-Bhilai-Rajnandgaon News Update: दुर्ग में धरना-प्रदर्शन पर रोक से लेकर साइबर ठगी और फ्लाईओवर विवाद तक, राजनांदगांव में वायरल फीवर व त्योहारों की रौनक—पढ़ें छत्तीसगढ़ की प्रमुख खबरें

1. दुर्ग में प्रमुख मार्गों पर धरना-प्रदर्शन और रैली पर प्रतिबंध

दुर्ग। दुर्ग जिला मुख्यालय के प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर धरना, प्रदर्शन, रैली, सभा और जुलूस के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है।

आदेश के तहत राजनांदगांव-पुलगांव-दुर्ग मुख्य मार्ग पर गंजपारा चौक से मालवीय नगर चौक, जेआरडी स्कूल से दुर्ग सेंट्रल जेल के मुख्य गेट, कब्रिस्तान से केंद्रीय विद्यालय, आरटीओ कार्यालय, खालसा स्कूल होते हुए मालवीय नगर चौक और सुराना कॉलेज से मानस भवन होते हुए चर्च चौक तक धरना-प्रदर्शन, रैली और सभा पर रोक रहेगी।

इन स्थानों पर टेबल, कुर्सी, टेंट, शामियाना, माइक, साउंड सिस्टम लगाकर भीड़ जुटाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। पुलिस और प्रशासन को छोड़कर लाउडस्पीकर या तेज ध्वनि वाले उपकरणों के इस्तेमाल की भी अनुमति नहीं होगी।

विशेष परिस्थितियों में अनुमति के लिए एसडीएम दुर्ग शहर को अधिकृत किया गया है। इसके लिए आयोजन से कम से कम एक सप्ताह पहले आवेदन देना होगा।

तितुरडीह में बनाया गया धरना स्थल

प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन के लिए तितुरडीह स्थित नगर निगम के जल शोधन संयंत्र के सामने नजूल शीट क्रमांक 90 के प्लॉट नंबर 772 को चिन्हित किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह स्थल धरना-प्रदर्शन के लिए उपयुक्त पाया गया है।

आदेश का उल्लंघन करने पर टेंट, शामियाना, फर्नीचर, साउंड सिस्टम, लाउडस्पीकर और अन्य सामग्री जब्त की जाएगी। साथ ही संबंधित व्यक्तियों और संस्था के पदाधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।


2. दुर्ग में 8 गुमटियां सीलबंद, किराया नहीं देने पर निगम की कार्रवाई

दुर्ग। नगर निगम ने गौरव पथ स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने संचालित 8 गुमटियों को सीलबंद कर अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई नियमित किराया जमा नहीं करने और निर्धारित उद्देश्य के अनुसार व्यवसाय संचालित नहीं किए जाने के कारण की गई।

नगर निगम के मुताबिक, संबंधित आवंटितों को पहले नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने और किराया जमा करने का अवसर दिया गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय में न तो जवाब दिया गया और न ही किराया जमा किया गया।

इसके बाद 24 अगस्त को निगम ने 8 गुमटियों को सीलबंद कर दिया। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आवंटित गुमटियों का नियमित किराया जमा करना और उनमें निर्धारित व्यवसाय का संचालन करना आवंटितों की जिम्मेदारी है।


3. पेंशन कार्ड के नाम पर PWD अभियंता से 8.23 लाख की साइबर ठगी

भिलाईनगर। खुर्सीपार थाना क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) के 61 वर्षीय सहायक अभियंता प्रदीप कुमार सिंघानिया साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर उनके बैंक खाते से 8 लाख 23 हजार रुपए निकाल लिए।

पुलिस के मुताबिक, 23 अगस्त की शाम उनके मोबाइल पर पेंशन कार्ड से संबंधित एक मैसेज आया। लिंक पर क्लिक करने के बाद अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और वाट्सऐप पर एक फाइल भेजी। ठगों ने इसे बैंक और पेंशन कार्ड सत्यापन से संबंधित फाइल बताया।

फाइल खोलने पर बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट जैसी दिखने वाली स्क्रीन सामने आई, जहां नाम, जन्मतिथि और डेबिट कार्ड नंबर जैसी जानकारी मांगी गई।

खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन

रात करीब 9:58 बजे बैंक ऐप से ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। पहले 50 हजार और फिर 23 हजार रुपए कटने की जानकारी मिली। संदेह होने पर पीड़ित ने तुरंत एटीएम कार्ड ब्लॉक कराया, लेकिन तब तक खाते से कुल 8.23 लाख रुपए निकल चुके थे।

पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। बैंक स्टेटमेंट की जांच के बाद खुर्सीपार पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 319(2) BNS और 66(D) IT Act के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


4. सुपेला-गदा चौक फ्लाईओवर का व्यापारियों ने किया विरोध

भिलाईनगर। सुपेला चौक से गदा चौक तक प्रस्तावित करीब 1 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर को लेकर व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में असहमति सामने आई है। गणेश मार्केट, सुपेला व्यापारी संघ और होलसेल होजियरी रेडीमेड एंड क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन सहित व्यापारियों ने सांसद विजय बघेल के सेक्टर-5 स्थित कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।

व्यापारियों का कहना है कि यह क्षेत्र प्रमुख व्यावसायिक इलाका है और सड़क की चौड़ाई करीब 100 से 150 फीट है। उनके मुताबिक, वर्तमान में आवागमन में बड़ी समस्या नहीं है। ऐसे में फ्लाईओवर बनने से सर्विस रोड, पार्किंग और बाजार की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

व्यापारियों ने फ्लाईओवर निर्माण से पहले यातायात, पार्किंग और व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव का स्वतंत्र तकनीकी सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास कार्य जनहित और स्थानीय व्यापार को ध्यान में रखकर होना चाहिए।


5. राजनांदगांव के हॉस्टलों में घटिया जिम सामग्री की सप्लाई का आरोप

राजनांदगांव। जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग के हॉस्टलों में लाखों रुपए की जिम सामग्री की सप्लाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत है कि कई हॉस्टलों में घटिया गुणवत्ता का सामान पहुंचाया गया है, जबकि कुछ जगह सामग्री गायब होने की भी बात सामने आई है।

जिले में करीब 46 हॉस्टल बताए जा रहे हैं, जिनमें से लगभग 75 फीसदी हॉस्टलों में जिम सामग्री पहुंचने की जानकारी है। शिकायतकर्ताओं ने सामग्री की गुणवत्ता और सप्लाई की जांच कराने की मांग की है।

इससे पहले हॉस्टलों में कैरम, बैट-बॉल और कुर्सियों समेत खेल सामग्री की सप्लाई को लेकर भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कुछ जगह खराब गुणवत्ता के कारण बैट टूटने की बात कही गई है।

मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग की एसी दीक्षा गुप्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।


6. राजनांदगांव जिला अस्पताल में बढ़े वायरल फीवर के मरीज

राजनांदगांव। बारिश के मौसम के बीच जिला अस्पताल में वायरल फीवर, सर्दी और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल की ओपीडी और दवा काउंटर पर सुबह से मरीजों की लंबी कतार देखने को मिल रही है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सामान्य दिनों में जहां करीब 70 मरीज पहुंचते हैं, वहीं इन दिनों 100 से ज्यादा मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ी है और सामान्य तौर पर मरीज करीब एक सप्ताह में ठीक हो जाते हैं।

मेडिकल कॉलेज पेंड्री में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रकाश खुटे ने बारिश के मौसम में जलजनित बीमारियों से बचने के लिए पानी उबालकर पीने और बारिश में भीगने से बचने की सलाह दी है।

तेज बुखार और निमोनिया जैसे लक्षण वाले कुछ मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है।


7. रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर सजा राजनांदगांव का बाजार

राजनांदगांव। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर्व को लेकर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार सज गए हैं। चौक-चौराहों के साथ नेशनल हाईवे स्थित फ्लाईओवर के नीचे भी राखियों की दुकानें लगाई गई हैं।

बाजार में राखी, मिठाई, कपड़े, पूजा सामग्री, भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाएं, झूले और सजावटी सामान की मांग बढ़ गई है। बच्चों के लिए कान्हा की पोशाक, मुकुट और बांसुरी भी बाजार में उपलब्ध हैं।

व्यापारियों को इस बार दोनों पर्वों के चलते करोड़ों रुपए के कारोबार की उम्मीद है। राखी के थोक व्यापारी रघु मोटलानी के मुताबिक, इस वर्ष विभिन्न वैरायटी की राखियों के साथ जन्माष्टमी से जुड़ी पूजा सामग्री और सजावटी सामान की भी अच्छी मांग है।

पर्व नजदीक आने के साथ बाजार में खरीदारी और भी बढ़ने की संभावना है।