July 30, 2026

Durg-Bhilai-Rajnandgaon News Update: जलापूर्ति फाइल गुम होने की शिकायत निकली गलत, कुम्हारी में स्वास्थ्य सेवाएं ठप, ई-लाइब्रेरी में संसाधनों की कमी सहित कई अहम मुद्दे सामने आए

भिलाईनगर/दुर्ग/राजनांदगांव। दुर्ग-भिलाई-राजनांदगांव संभाग में आज प्रशासनिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक व्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण खबरें सामने आई हैं। जहां भिलाई नगर निगम की 5.38 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजना से जुड़ी फाइल गुम होने की शिकायत जांच में गलत साबित हुई, वहीं कुम्हारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लंबे समय से प्रभावित रहने और राजनांदगांव की एकमात्र ई-लाइब्रेरी में संसाधनों की कमी जैसे गंभीर मुद्दे चर्चा में हैं।

भिलाईनगर में नगर पालिक निगम की जलापूर्ति परियोजना की फाइल गुम होने की शिकायत को लेकर की गई जांच में स्पष्ट हुआ कि यह फाइल किसी भी स्तर पर लापता नहीं हुई थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह दस्तावेज विभिन्न जोन कार्यालयों से होकर गुजरते हुए वर्तमान में जोन-3 कार्यालय में सुरक्षित रखी गई है। फाइल पर विभागीय स्तर पर परीक्षण और अनुमोदन की प्रक्रिया जारी है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जानकारी दी कि परियोजना से संबंधित कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है और इसे आगे की कार्रवाई के लिए अधीक्षण अभियंता को भेजा गया है।

आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की फाइलों के संधारण, ट्रैकिंग और रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जाए। गौरतलब है कि यह 5.38 करोड़ रुपये की परियोजना शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पाइप लाइन विस्तार के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

दूसरी ओर दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित 30 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, पिछले लगभग सात महीनों से यहां सोनोग्राफी सुविधा पूरी तरह बंद है और सीजर (ऑपरेशन से प्रसव) की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इससे क्षेत्र के लगभग 15 गांवों की करीब 37 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जबकि जटिल प्रसव मामलों को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।

अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 150 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ सेवाओं की कमी के कारण उन्हें अपेक्षित उपचार नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में पदस्थ कुछ डॉक्टरों की अनुपस्थिति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की लापरवाही के आरोप भी सामने आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और अधिक बिगड़ती दिख रही है। साथ ही कई आवश्यक दवाओं की कमी भी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

राजनांदगांव जिले में स्थित स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर की एकमात्र ई-लाइब्रेरी भी समस्याओं से जूझ रही है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को पर्याप्त अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं हो पा रही है। लगभग 11 हजार साहित्यिक पुस्तकें उपलब्ध होने के बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबों और समसामयिक पत्रिकाओं की भारी कमी बताई जा रही है। इसके अलावा लाइब्रेरी में लगे 10 में से 5 कंप्यूटर खराब पड़े हैं, जिससे डिजिटल अध्ययन व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

लाइब्रेरियन की अनुपस्थिति के कारण विद्यार्थियों को पुस्तकें प्राप्त करने और अध्ययन व्यवस्था में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध न होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

इसके अलावा राजनांदगांव जिले में 24 जून को सभी ग्राम पंचायतों में एक साथ विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वे सूची का वाचन और पात्र हितग्राहियों का अनुमोदन किया जाएगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है।

कुल मिलाकर पूरे संभाग में एक ओर जहां प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार और योजनाओं के क्रियान्वयन की बात सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य और शैक्षणिक संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं, जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।