दुर्ग। आगामी जनगणना को लेकर जिला प्रशासन ने प्रगणकों और नागरिकों के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी की हैं। जारी निर्देशों के अनुसार सभी नागरिक प्रगणक द्वारा पूछे गए वैधानिक प्रश्नों का सही उत्तर देने के लिए बाध्य होंगे। गलत जानकारी देने, जवाब देने से इनकार करने या मकानों पर लिखे गए जनगणना नंबर मिटाने पर 1000 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
नागरिकों को देना होगा सहयोग
छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की अधिसूचना के पालन में जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि नागरिकों को प्रगणकों को घरों में प्रवेश की अनुमति देनी होगी तथा मकानों पर आवश्यक नंबर या चिन्ह लगाने में सहयोग करना होगा।
हालांकि स्थानीय सामाजिक परंपराओं का ध्यान रखते हुए किसी महिला को उसके पति या मृत पति का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। साथ ही किसी नागरिक को परिवार के अन्य सदस्यों के नाम बताने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
प्रगणकों को भी दिए गए सख्त निर्देश
प्रगणकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित वैधानिक प्रश्न ही पूछें और किसी भी प्रकार की अनावश्यक पूछताछ न करें। नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार करने और सामाजिक परंपराओं का सम्मान करने की भी हिदायत दी गई है।
यदि कोई प्रगणक अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतता है या कार्य से इंकार करता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गलत जानकारी और बाधा डालने पर सजा का प्रावधान
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है, उत्तर देने से मना करता है या मकान पर लिखे नंबर को नुकसान पहुंचाता है, तो उस पर 1000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
वहीं जनगणना कार्य में बाधा डालने या कार्यालय में अनधिकृत प्रवेश करने पर 1000 रुपए जुर्माने के साथ अधिकतम तीन साल तक की जेल का प्रावधान भी किया गया है।
आंकड़े रहेंगे पूरी तरह गोपनीय
प्रशासन ने लोगों की आशंकाओं को दूर करते हुए कहा है कि जनगणना के दौरान जुटाए गए आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रहेंगे। इनका उपयोग केवल नीति निर्धारण, प्रशासनिक कार्यों और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन जैसे सरकारी कार्यों के लिए किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में सही जानकारी देकर सहयोग करें।





