May 14, 2026

Durg-Bhilai-Rajnandgaon News Update : निगम में हंगामा, रिश्वत मामले में पटवारी निलंबित, सड़क हादसा सहित कई बड़ी घटनाएं

दुर्ग। जिले में शुक्रवार का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा। एक ओर जहां प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और फर्जीवाड़े से जुड़े मामले भी सामने आए। नीचे प्रमुख घटनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है—

निगम कार्यालय में जमकर हंगामा, मारपीट की घटना से तनाव

दुर्ग नगर निगम कार्यालय में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब हिंदू देवी-देवताओं पर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंच गए। आरोप है कि निगम आयुक्त के पीए गौतम साहू द्वारा एक महिला कर्मचारी को व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक संदेश भेजा गया था।

जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और निगम कार्यालय परिसर में हंगामा शुरू हो गया। इसी दौरान पीए गौतम साहू के साथ मारपीट की घटना भी हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

रिश्वत मामले में अहिवारा पटवारी निलंबित

दुर्ग जिले में प्रशासनिक सख्ती के तहत कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अहिवारा में पदस्थ पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

आरोप है कि भूमि बंटवारे के नाम पर 45,000 रुपये की रिश्वत ली गई थी। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। जांच के दौरान तहसीलदार स्तर पर पुष्टि हुई कि पटवारी ने पक्षकार से राशि ली थी।

पटवारी ने बयान में यह भी स्वीकार किया कि उसने राशि ली थी और बाद में वापस करने की बात कही थी। इसके बाद इसे गंभीर कदाचार मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।

सड़क हादसे में महिला की दर्दनाक मौत

जिले में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना भी सामने आई है। मवेशी से अचानक टकराने के कारण एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

यह हादसा सड़क पर आवारा मवेशियों की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर करता है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

आरटीई फंड में अनियमितता की जांच शुरू

शिक्षा के अधिकार (RTE) योजना में फर्जी छात्र संख्या दिखाकर सरकारी राशि के दुरुपयोग और गबन के आरोप सामने आए हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।

शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि निजी स्कूलों द्वारा फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर अनुदान राशि का गलत तरीके से उपयोग किया गया है। प्रशासन से 20 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।

फर्जी माइनिंग अधिकारी बनकर वसूली, तीन गिरफ्तार

डोंगरगांव क्षेत्र में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां तीन लोगों को फर्जी माइनिंग अधिकारी बनकर अवैध वसूली करते हुए गिरफ्तार किया गया है।

आरोपियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर एक ग्रामीण को डराया और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे वसूले। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से परेशानी

राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी सामने आई है। कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन और अन्य विशेषज्ञों की अनुपलब्धता के कारण गंभीर मरीजों को रायपुर और दुर्ग रेफर करना पड़ रहा है।

इसके साथ ही स्टाफ नर्स और अन्य तकनीकी स्टाफ की भी कमी बताई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है।

जल संकट और विकास योजनाओं की स्थिति

जिले में कई गांवों में पेयजल संकट भी सामने आया है। भूजल स्तर लगातार नीचे जाने से लगभग 70 गांव प्रभावित हैं। हालांकि समूह जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से समाधान की कोशिश की जा रही है, लेकिन कई योजनाएं अभी पूरी नहीं हो पाई हैं।