May 19, 2026

दुर्ग में म्यूल अकाउंट गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, 10 आरोपी गिरफ्तार, 86 लाख का फर्जी लेनदेन उजागर

दुर्ग जिले में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी की रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराने वाले 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में आरोपियों के खातों से करीब 83 लाख 33 हजार 247 रुपए की अवैध राशि के लेनदेन की जानकारी सामने आई है, जबकि कुल ट्रांजैक्शन लगभग 86 लाख 33 हजार 247 रुपए तक पहुंचने की पुष्टि हुई है।

पुलिस को यह सफलता भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर मिली। इस इनपुट के बाद कर्नाटक बैंक, दुर्ग में संचालित संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण किया गया। जांच में पाया गया कि इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी के जरिए प्राप्त रकम को ट्रांसफर और छिपाने के लिए किया जा रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल बैंक से संपर्क कर सभी संदिग्ध खातों को होल्ड कराया और विस्तृत जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद अपराध दर्ज कर कार्रवाई करते हुए सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिन्हें खाताधारक साइबर अपराधियों को किराए पर दे देते हैं। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम को ट्रांसफर करने, छिपाने या ऑनलाइन बेटिंग जैसे अवैध कार्यों में किया जाता है। इसके बदले खाताधारकों को हर महीने तय रकम दी जाती है।

दुर्ग पुलिस का कहना है कि इस तरह के खातों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम या अन्य वित्तीय जानकारी किसी को साझा न करें, अन्यथा वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।