दुर्ग। चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य जीएसटी विभाग ने प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे के कारोबार से जुड़े मामले में उसके खिलाफ 317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी का आदेश जारी किया है। विभाग के आदेश के मुताबिक निर्धारित राशि 90 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। राशि जमा नहीं होने की स्थिति में विभाग द्वारा चिन्हित संपत्तियों की कुर्की कर बकाया रकम की वसूली की जा सकती है।

5 साल के कारोबार की जांच के बाद तय हुई राशि
राज्य जीएसटी विभाग की जांच में प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे के कारोबार से जुड़े कई तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। विभाग के अनुसार करीब पांच वर्षों से प्रदेशभर में नेटवर्किंग के जरिए यह कारोबार संचालित किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि ‘सितार’ नाम से गुटखा तैयार कर उसे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जाता था। विभाग ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पांच वर्षों के कारोबार का आकलन किया और इसी आधार पर बकाया टैक्स व पेनल्टी की राशि निर्धारित की।
कोर्ट में चालान पेश, तीन कर्मचारी सरकारी गवाह
जीएसटी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गुरमुख जुमनानी के खिलाफ कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है। मामले की जांच के दौरान उसके तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार कर्मचारियों से एफिडेविट भी लिया गया है। विभाग का कहना है कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि कर्मचारी बाद में कोर्ट में अपने बयान से मुकरते हैं तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
12 संपत्तियां विभाग के निशाने पर
जांच के दौरान जीएसटी विभाग ने गुरमुख जुमनानी के मालिकाना हक वाली 12 संपत्तियों को चिन्हित किया है। विभाग के मुताबिक यदि 90 दिन की निर्धारित अवधि में 317 करोड़ रुपये की टैक्स-पेनल्टी राशि जमा नहीं की जाती है, तो इन संपत्तियों को कुर्क कर बकाया रकम की वसूली की जा सकती है।
इस कार्रवाई से कारोबारी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
छिंदवाड़ा से बुलाया गया था गुटखा बनाने का फार्मूला तैयार करने वाला कर्मचारी
जांच में यह जानकारी भी सामने आई कि ‘सितार’ गुटखा तैयार करने का फार्मूला विकसित करने के लिए छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश से एक कर्मचारी को बुलाया गया था। इसके बाद विभाग ने गुटखे के निर्माण, पैकिंग और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच की।
जुलाई 2025 में दो फैक्ट्रियों में पड़ा था छापा
जीएसटी विभाग की टीम ने जुलाई 2025 में गुरमुख जुमनानी से जुड़ी जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों में छापा मारा था। जांच के दौरान अधिकारियों को दोनों फैक्ट्रियों में गुटखे की पैकिंग किए जाने की जानकारी मिली।
इसके बाद जांच टीम ने कारोबारी के बेटे सागर जुमनानी की राजनांदगांव स्थित कोमल फूड फैक्ट्री में भी जांच की। यहां भी विभाग ने गुटखे के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।
अब राज्य जीएसटी विभाग के 317 करोड़ रुपये के टैक्स-पेनल्टी आदेश के बाद गुरमुख जुमनानी को 90 दिनों के भीतर निर्धारित राशि जमा करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर विभाग द्वारा चिन्हित 12 संपत्तियों की कुर्की कर बकाया रकम की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।





