दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद, विश्वास और सहयोग को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने सुपेला और खुर्सीपार थाना क्षेत्रों में “पुलिस जन मित्र योजना” का शुभारंभ किया है।

सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने की पहल
इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच दूरी को कम करना और लोगों को सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भागीदार बनाना है।
इसके तहत पुलिस नागरिकों को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति, यातायात नियम और डिजिटल सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक कर रही है।
साइबर और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
अभियान के दौरान नागरिकों को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी जा रही है—
- 1930: साइबर फ्रॉड सहायता
- 1091: महिला सुरक्षा
- 1033: नशा नियंत्रण हेल्पलाइन
पुलिस टीम पोस्टर और जागरूकता सामग्री के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दे रही है।

सूने मकानों और ट्रैफिक सुरक्षा पर भी जागरूकता
योजना के तहत पुलिस नागरिकों को सूने घरों की सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के बारे में भी जागरूक कर रही है।
पुलिस का कहना है कि छोटी-छोटी सावधानियां बड़े अपराधों को रोकने में मदद कर सकती हैं।
अपराध रोकथाम में मददगार होगी योजना
अधिकारियों के अनुसार, यह पहल आपात स्थितियों में त्वरित सहायता, बेहतर पुलिस-जन समन्वय और अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस योजना से जुड़ें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस ने कहा कि जागरूक और सहयोगी समाज ही सुरक्षित समाज की नींव है।





